
सऊदी अरब में पंचमहाल जिले के फंसे जायरीन।
गोधरा. गुजरात के पंचमहाल जिले के लगभग 250 उमराह जायरीन सऊदी अरब में फंस गए हैं। इस कारण गोधरा समेत जिले में मौजूद परिजनों में चिंता का माहौल है। सऊदी अरब में पिछले कुछ दिनों से हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद तनाव और आपातकाल सरीखी स्थिति हो गई। सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डों को बंद किए जाने के कारण रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई हैं।
इस संकटपूर्ण स्थिति के कारण हवाई सेवाएं बाधित होने से यह जायरीन फंस गए। गुजरात के टूर ऑपरेटरों के ज़रिए गए जायरीनों में से कुछ ने महंगे दामों पर दूसरी उड़ानों के टिकट लेकर वतन वापसी की, जबकि बाकी जायरीन फिलहाल मक्का और मदीना के होटलों में सुरक्षित ठहरे हैं।
पिछले 10 दिनों में हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों के चलते सऊदी अरब की हवाई सेवाएं पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई। दूसरी ओर, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया और इंडिगो सहित अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपना परिचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। इसके चलते भारतीय उमराह जायरीन फिलहाल मक्का और मदीना के सुरक्षित होटलों में ठहरे हैं। भारतीय दूतावास पूरी स्थिति और नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार पैनी नज़र रख रहा है।
शेहरा और गोधरा क्षेत्र के 34 लोग उमराह के लिए गए थे। 20 अक्टूबर को यात्रा संपन्न होने के साथ ही हमारी वापसी का टिकट कन्फर्म था। सुरक्षा कारणों से अचानक इंडिगो एयरलाइंस की ओर से उड़ान रद्द होने का संदेश मिला। अब नई व्यवस्था के अनुसार 22 अक्टूबर को वापसी का शेड्यूल तय किया गया है। वर्तमान में हम सभी मदीना के होटल में पूरी तरह सुरक्षित हैं और शांतिपूर्वक इबादत कर रहे हैं।
जामनगर. सऊदी अरब में फंसे गुजरात में सुरेंद्रनगर के हाजी बटुकभाई जरगेला सहित उमराह के चार यात्री शनिवार को सुरक्षित वतन लौट आए। मक्का से मस्कट होते हुए वे हवाई मार्ग से मुंबई पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए सुरेंद्रनगर रेलवे स्टेशन आए। लंबे इंतजार के बाद अपनों को सामने देखकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं। स्टेशन पर भावुक मिलन का दृश्य देखने को मिला।
चारों उमराह यात्रियों की भारत वापसी 12 अक्टूबर को निर्धारित थी। हालांकि, रियाद हवाई अड्डे के निकट मिसाइल हमले की घटना के बाद उड़ानें रद्द होने से उनकी वापसी टल गई। निर्धारित समय पर घर नहीं पहुंचने के कारण सुरेंद्रनगर में उनके परिजन चिंतित थे और उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे।
काफी इंतजार और परेशानियों के बाद चारों यात्री मक्का से मस्कट पहुंचे। वहां से विमान के जरिए मुंबई आए और फिर ट्रेन से सुरेंद्रनगर पहुंचे। यात्रियों के सकुशल लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
Updated on:
17 Oct 2026 09:03 pm
Published on:
17 Oct 2026 09:03 pm
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