
वारदात के बाद मौके पर पहुंचे राजकोट पुलिस आयुक्त ब्रजेश कुमार झा और क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त जगदीश बांगरवा।
राजकोट. शहर के आजी जीआइडीसी क्षेत्र में आभूषणों की वर्कशॉप तन्वी गोल्ड के मैनेजर की हत्या और डेढ़ करोड़ से ज्यादा के आभूषणों की लूट के मामले में पुलिस ने 12 घंटे से भी कम समय में वारदात का पर्दाफाश किया। राजकोट क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश के नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया गया है। वारदात में फर्म के एक कर्मचारी की कथित भूमिका भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, तन्वी गोल्ड के मैनेजर लालजी सरधारा (53) बुधवार देर रात सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग लेकर स्कूटर से जा रहे थे। इसी दौरान कार से आए तीन-चार लोगों ने बैग छीनने का प्रयास किया। लालजी ने विरोध किया तो आरोपियों में से एक ने उन पर गोली चला दी। सीने में गोली लगने से गंभीर रूप से उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोपी आभूषणों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
थोराला पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, लूटे गए माल में 946 ग्राम सोना शामिल था, जिसकी कीमत 1.48 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। इसके अलावा करीब 2 किलोग्राम रिफाइंड चांदी का डस्ट पाउडर भी लूटा गया, जिसकी कीमत 4.30 लाख रुपए बताई गई। पुलिस के अनुसार, कुल लूट की कीमत 1.53 करोड़ रुपए से अधिक है।
राजकोट क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा और उदयपुर क्षेत्र में कार्रवाई की। राजस्थान पुलिस की मदद से चार मुख्य आरोपियों को पिंडवाड़ा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शिवम पांडे उर्फ आयुष चतुर्वेदी, अजीत पांडे उर्फ लालू, अभिषेक सिंह उर्फ लंकेश और मनोहर सिंह शामिल हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में इन आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें कथित तौर पर गिरोह की मदद करने वाला एक कर्मचारी भी शामिल है। क्राइम ब्रांच के उपायुक्त जगदीश बांगरवा के अनुसार, आरोपियों और बरामद माल को लेकर टीम राजकोट लौटने की प्रक्रिया में है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तन्वी गोल्ड से जुड़े एक कर्मचारी ने कथित तौर पर गिरोह को आभूषणों की आवाजाही और वारदात से जुड़ी जानकारी दी थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि लूट की साजिश किस तरह रची गई और कर्मचारी की भूमिका कितनी अहम थी।
लालजीभाई सरधारा पिछले 12 वर्षों से तन्वी गोल्ड में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। फर्म की शुरुआत वर्ष 1994 में सोनी बाजार स्थित माधव कॉम्प्लेक्स से हुई थी। वर्ष 2023 में आजी जीआइडीसी क्षेत्र में इसका संचालन शुरू किया गया। फर्म में 12 साझेदार बताए गए हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 10:12 pm
Published on:
15 Oct 2026 10:12 pm
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