चांद की सतह पर जमा हो गया कूड़ा और कचरा अंतरिक्ष यात्री अपने पीछे छोड़ आते हैं कई उपकरण सैंकड़ों सालों तक अंतरिक्ष में जमा रहा सकता है कूड़ा
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) और अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा समेत दुनिया भर के देश की एजेंसियां और संस्थान चांद पर जीवन की खोज के लिए नित नए जतन कर रहे हैं।
इसी प्रयास में चांद की सतह पर न जाने कितना कूड़ा और कचरा जमा हो गया है।
पिछले साल आई नासा की एक रिपोर्ट के अनुसार चांद पर मानव निर्मित 400,000 पाउंड यानी 181436 किलोग्राम से अधिक कूड़ा इकट्ठा हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री चांद पर उपकरण छोड़ आते हैं, इससे उनको वापसी में काफी सहूलियत होती है।
यही वजह है कि चांद पर ढेरों मानव रहित कूड़ा जमा हो गया है।
वैज्ञानिकों का तो यहां तक कहा है कि चंद्रमा ही नहीं, बल्कि मंगल और शुक्र जैसे ग्रहों पर भी मानव निर्मित कूड़ा जमा है।
एक वायुमंडलीय एक्सपर्ट बिल ऐलोर के अनुसार अंतरिक्ष में यह कूड़ा कचरा या मलबा सैकड़ों सालों तक जमा रह सकता है।
स्पेस-ट्रैक के आंकड़ों के मुताबिक इस कचरे के लिए सबसे अधिक अमरीका, रूस और चीन जिम्मेदार हैं।
रिपोर्ट कहती है चांद पर कदम रखने वाले पहले अमरीकी अंतरिक्ष यात्री आर्मस्ट्रॉग और बज एल्ड्रिन अपोलो 11 मिशन के दौरान जब चांद पहुंचे तो वहां 100 से अधिक चीजें छोड़ आए थे।