
दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर साधन और पैसे ना होने के कारण पैदल ही घरों को लौटने को मजबूर हैं। सैकड़ों की संख्या में मजदूर सड़कों पर चल रहे हैं। हालांकि सरकार ने इनके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। आंध्र प्रदेश में हाई वे पर इसी तरह चल रहे मजदूरों को चीफ सेक्रेटरी ने नीलम साहनी ने देखा, तो तुरंत उनका ध्यान रखने और ट्रेन में बिठाने के निर्देश दिए।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चीफ सेक्रेटरी नीलम साहनी प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रैड्डी से मुलाकात करके ताडेपल्ली से लौट रही थीं। तभी उन्होंने नेशनल हाईवे पर मजदूरों को पैदल जाते हुए देखा।
उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और उन मजदूरों से उनकी मातृभाषा में बातचीत की। मजदूरों ने उन्हें अपनी हालत बताई। उन्होंने बताया कि उनके पास कोई काम नहीं है। उनके पास सारे पैसे भी खत्म हो चुके हैं। इसलिए वे किसी ना किसी तरह से अपने घर जाना चाहते हैं। कोई साधन ना होने के कारण वे पैदल ही घर जाने को मजबूर हैं।
इसके बाद चीफ सेक्रेटरी ने गुंटूर जिले के जॉइंट कलेक्टर और कृष्णा जिले के कलेक्टर को इन मजदूरों के लिए शेल्टर होम में रहने और खाने का इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि वह जहां जाना चाहते हैं, उसके मुताबिक आंध्र प्रदेश से जाने वाली स्पेशल ट्रेन में उन्हें बिठाया जाए। इसके बाद उन मजदूरों को तुरंत रायानापडू रेलवे स्टेशन लेजाया गया और बिहार के लिए रवाना कर दिया गया। बयान के अनुसार- मजदूर चीफ सेक्रेटरी के इस व्यवहार से बहुत खुश हुए और उनका धन्यवाद किया।