
नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के परिसर में धारा 144 लागू कर दिया गया है। दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई पर लगाए कथित यौन शोषण मामले में हुए फैसले के खिलाफ महिला कार्यकर्ता और वकीलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। पुलिस ने परिसर से कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उन्हें मंदिर मार्ग थाने ले गई है।
CJI पर लगे आरोप हुए खारिज
इस केस की कार्रवाई जिस तरह की गई और बाद में CJI को क्लिन चिट दिए जाने पर वकील और महिला कार्यकर्ता अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि सोमवार को CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप खारिज कर दिया गया है। SC के जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी वाली इन-हाउस पैनल ने महिलाकर्मी की शिकायत को खारिज कर दिया। जांच समिति का कहना है कि आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले।
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने लगाया था आरोप
इसके साथ ही कोर्ट प्रेस रिलीज जारी कर सुप्रीम कोर्ट के 2003 के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इन हाउस पैनल की जांच के तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने CJI गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, 'मुझे नहीं लगता कि इन आरोपों का खंडन करने के लिए मुझे इतना नीचे उतरना चाहिए।' CJI ने कहा था कि न्यायपालिका खतरे में है।