
नई दिल्ली। देश के पहले आर्मी चीफ को कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा (Field Marshal Kodandera Madappa Cariappa) की आज पुण्यतिथि है। करिअप्पा का जन्म 28 जनवरी, 1899 को कर्नाटक में हुआ था। 94 वर्ष की उम्र में 15 मई, 1993 को बेंगलुरू में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर शनिवार सुबह से देशभर में लोग श्रद्धांजलि दे रहे है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने भी देश के पहले आर्मी चीफ को श्रद्धांजलि दी। लेकिन ट्वीट करते समय कांग्रेस पार्टी से एक बहुत बड़ी गलती हो गई। जिसके कारण सोशल मीडिया पर कांग्रेस की काफी निंदा हो रही है। हालांकि कांग्रेस ने अपनी पोस्ट को हटा दिया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इससे पहले ट्विटर यूजर ने पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर कांग्रेस पार्टी को काफी खरी-खोटी सुनाई शुरू कर दिया।
फील्ड मार्शल करिअप्पा की जगह मानेकशॉ की तस्वीर की इस्तेमाल
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने शानिवार सुबह सोशल मीडिया भारत के पहले सेना प्रमुख जनरल करिअप्पा की पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल से उन्हें याद करते हुए एक पोस्ट किया गया था। ट्वीट में कहा गया है, फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ और बटालियन की कमान संभालने वाले पहले भारतीय थे। उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी उनकी वीरता और नेतृत्व के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। श्रद्धांजलि तो उचित थी, लेकिन ट्विटर पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर के कारण कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदा कर दिया। करिअप्पा की पुण्यतिथि पर फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की तस्वीर इस्तेमाल करने के कारण कांग्रेस को सोशल मीडिया किया जा रहा है।
सैम मानेकशॉ के बाद करिअप्पा को मिला फील्ड मार्शल का पद
आपको बता दें कि सैम मानेकशॉ भारतीय थल सेना के 8वें चीफ ऑफ स्टाफ थे। लेकिन फील्ड मार्शल बनने वाले सेना के पहले अधिकारी थे। साल 1971 में बांग्लादेश युद्ध में विजय प्राप्त करने वाले जनरल सैम मानेकशॉ को एक जनवरी 1973 में देश का पहला फील्ड मार्शल का पद दिया गया। सैम मानेकशॉ के बाद 1986 में जनरल केएम करिअप्पा को फील्ड मार्शल का पद दिया गया। 1899 में जन्मे जनरल करिअप्पा 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ थे। हालांकि वह मानेकशॉ से काफी सीनियर थे। फील्ड मार्शल की पदवी उन्हें बाद में मिली।