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महात्मा गांधी की हत्या में संघ की भूमिका साबित करेगी कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी अब महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के संघ से रिश्ते के सबूत जुटा रही है

2 min read
Sep 05, 2016
rahul-gandhi and RSS in mahatma gandhi murder

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी अब महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के संघ से रिश्ते के सबूत जुटा रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ जो कुछ भी कहा है, वह उसके ट्रायल के लिए तैयार हैं।

गांधी के वकील कपिल सिब्बल की योजना महाराष्ट्र के संघ कार्यकर्ता राजेश कुंटे से जिरह की मांग करने की है। संघ पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद राजेश ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। राहुल गांधी ने 2014 में एक जनसभा में कहा था कि आरएसएस से जुड़े लोगों ने गांधीजी की हत्या कर दी।

तुषार की किताब का हवाला
राहुल गांधी की लीगल टीम इस मामले में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की किताब का हवाला दिया। उसने कुछ और सबूत भी पेश किए हैं। आरएसएस से गोडसे के मजबूत रिश्ते को साबित करने के लिए इस सिलसिले में अदालत की अगली कार्यवाही में मार्क जे, मनोहर मलगांवकर, एस इस्लाम, कोइनाराड अल्सट समेत कई लेखकों की किताबों के अंश का हवाला दिया जा सकता है।

संघ से जिरह की करेंगे मांग
सांसद और राहुल गांधी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा वह कुंते और संघ के सीनियर नेताओं से जिरह की मांग करेंगे, ताकि इस संगठन की कलई खोली जा सके। उन्होंने कहा, संघ की दोमुंही बातों के बारे में पर्दाफाश करने का यह शानदार मौका है। हम नहीं मानते कि वे भारत की मुख्यधारा की नुमाइंदगी करते हैं। ट्रायल के दौरान हम उनका और उनके सिद्धांतों का पर्दाफाश करेंगे। हम कुंते से जिरह कर वैसे सवाल करेंगे, जिनका वह जवाब नहीं दे पाएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि मोहन भागवत ट्रायल में आएं ताकि आरएसएस के वास्तविक चेहरे के बारे में लोगों को पता चल सके।

नेहरू ने लिखा था पत्र
राहुल गांधी बनाम आरएसएस ट्रायल में जिन किताबों के अंश को पेश किए जाने की तैयारी है, वे कुछ इस तरह हैं। मार्क जे की किताब- 'द न्यू कोल्ड वॉर? रिलीजियस नेशनलिज्म कन्फ्रंट्स द सेक्युलर स्टेट।' इसमें कहा गया है, नेहरू ने होम मिनिस्टर को 26 फरवरी 1948 को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया कि गांधीजी की हत्या एक बड़े अभियान का हिस्सा था, जिसका आयोजक मुख्य तौर पर आरएसएस था।



मनोहर मलगांवकर की किताब- 'द मैन हू किल्ड गांधी' के मुताबिक निश्चित तौर पर गोडसे हिंदू महासभा और आरएसएस के बीच कॉमन लिंक था और वह दोनों संगठनों का सदस्य था। बेशक आरएसएस इससे इनकार करे। सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी अपनी चिट्ठियों में आरएसएस के सरसंघचालक एमएस गोलवलकर को कहा था कि महात्मा की हत्या के बारे में सुनने पर संघ के लोगों ने मिठाइयां बांटी थीं।
Published on:
05 Sept 2016 09:16 am
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