देश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी वैक्सीनेशन अभियान जारी महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कोरोना के केस बढऩे के साथ सरकार ने सख्ती बढ़ा दी
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( coronavirus in India ) की रोकथाम के लिए जारी वैक्सीनेशन अभियान ( Corona Vaccination ) के बीच कोविड का यह दानव एक बार फिर अपना सिर उठाता नजर आ रहा है। यही वजह है कि महाराष्ट्र ( Coronavirus in Maharashtra ) समेत कई राज्यों में कोरोना के केस बढऩे के साथ ही सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। ताजा जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के पुणे में कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को देखते हुए 14 मार्च तक स्कूल, कॉलेज व प्राइवेट कोचिंग को बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह फैसला पुणे शहर के मेयर मुरलीधर मोहोल की ओर से लिया गया है।
कक्षा 5 से लेकर कक्षा 9 तक ट्यूशन बंद
पुणे मेयर मुरलीधर मोहोल के कार्यालय से जारी आदेश के मुुताबिक शहर में रात 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक पब्लिक मूवमेंट को अनुमति नहीं है। हालांकि अतिआवश्यक कार्य के लिए इजाजत जरूर दी गई है। इसके साथ ही राज्य के औरंगाबाद में भी नगर निगम ने कक्षा 5 से लेकर कक्षा 9 तक ट्यूशन बंद रखे गए हैं। औरंगाबाद नगर निगम की ओर से लिया गया यह फैसला 15 मार्च तक लागू रहेगा। जबकि बोर्ड एग्जाम होने की वजह से दसवीं के छात्रों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। आयुक्त आस्तिक कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते छात्रों के जमावड़े की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। आपको बता दें कि औरंगाबाद में कोरोना वायरस के 247 नए केस सामने आए हैं।
कोरोना वायरस महामारी के 16,752 नए मामले दर्ज
भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस महामारी के 16,752 नए मामले दर्ज हुए हैं और इसी के साथ देश में संक्रमितों की संख्या रविवार को 1,10,96,731 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। यह आंकड़ा इस महीने का सर्वाधिक है। देश में मामलों की सकारात्मकता दर में धीरे-धीरे वृद्धि देखने को मिल रही है, जो कि इस वक्त 1.48 प्रतिशत पर बनी हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में 11,718 मरीजों के डिस्चार्ज हो जाने के बाद देश में इस वक्त सक्रिय मरीजों की संख्या 1,64,511 है।
इस बीच, बीते 24 घंटे में 113 लोगों की मौत हुई है, जिन्हें शामिल करते हुए देश में इस वक्त मरने वालों की संख्या 1,57,051 है। विशेषज्ञों ने संभावनाएं व्यक्त की हैं कि अगर 'म्यूटेशन और नए स्ट्रेन' को लेकर बनाए गए मानकों का पालन लोगों ने सही व सख्ती से नहीं किया तो आने वाले समय में मामलों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल सकती है।