भारत में कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान की शुरुआत ्रमोबाइल फोन से हटाई गई अमिताभ की आवाज वाली कॉलर ट्यून
नई दिल्ली। सदी की सबसे भयानक महामारी कोरोना वायरस ( Coronavirus Crisis ) के खिलाफ भारत ने दुनिया के सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination ) का आगाज शनिवार को कर दिया। कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत के साथ ही देश में टीकाकरण पर आधारित नई कॉलर ट्यून भी जारी कर दी गई है। कोरोना के खिलाफ इस अभियान में अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) के स्थान पर वॉइस ओवर कलाकार जसलीन भल्ला ( Jasleen Bhalla ) की आवाज ली गई है। सरकार का दावा है कि मोबाइल की नई कॉलर ट्यून से कोरोना वैक्सीनेशन अभियान ( Corona vaccination campaign ) को लेकर भ्रम और अफवाहों पर रोक लग सकेगी।
कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत के साथ जो मोबाइल कॉलर ट्यून लॉच की गई है, उसमें कहा गया है कि नया साल कोविड-19 की वैक्सीन के रूप में नई आशा की किरण लेकर आया है। कॉलर ट्यून में कहा गया है कि भारत में विकसित टीका बीमारी के खिलाफ सुरक्षित और प्रभावी है। इसमें कहा गया है, 'भारत में बनी वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है। कोविड के विरूद्ध हमें प्रतिरोधक क्षमता देती है। कॉलर ट्यून के माध्यम से सरकार ने लोगों से कोरोना वैक्सीन पर पूरा भरोसा करने और इसको लेकर उड़ रही सभी अफवाहों पर यकीन न करने की अपील की है। कॉलर ट्यून में कहा गया है कि सभी देशवासी कोरोना वैक्सीन पर विश्वास करें और अपना नंबर आने पर इसको जरूर लगवाएं, क्योंकि हारेगा कोरोना तो जीतेगा भारत।
आपको बता दें कि इससे पहले सुनाई जाने वाली कॉलर ट्यून में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज एक खांसी के साथ शुरू होती थी और फिर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की जाती थी। हालांकि इस कॉलर ट्यून को लेकर लोगों की ओर से कई आपत्तियां आईं, जिसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में कई जनहित याचिकाएं भी दायर की गईं। इन याचिकाओंं में कोर्ट से मोबाइल कॉलर ट्यून से अमिताभ की आवाज हटाए जाने की मांग की गई। दरअसल, लोगों का तर्क था कि जब खुद अमिताभ बच्चन का परिवार कोरोना वायरस के संक्रमण से अपने आप को बचा नहीं सका, ऐसे में उनके द्वारा की गई अपील का कोई औचित्य नहीं।