देश में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का कहर जारी है। असम में कोरोना के बचाव के लिए मलेरिया की दवा लेने वाले डॉक्टर की हार्ट अटैक ( Doctor Dies Due to Heart Attack ) से मौत हो गई। डॉक्टर के अन्य साथियों ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि डॉक्टर की मौत एंटी-मलेरिया दवा ( Anti-Malaria Medicine ) हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ( Hydroxychloroquine ) लेने की वजह से हुई है।
नई दिल्ली।
देश में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का कहर जारी है। असम में कोरोना के बचाव के लिए मलेरिया की दवा लेने वाले डॉक्टर की हार्ट अटैक ( Doctor Dies Due to Heart Attack ) से मौत हो गई। डॉक्टर के अन्य साथियों ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि डॉक्टर की मौत एंटी-मलेरिया दवा ( Anti-Malaria Medicine ) हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ( Hydroxychloroquine ) लेने की वजह से हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर सीनियर एनेस्थेटिस्ट उत्पलजीत बर्मन को हार्ट से संबंधित शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को शाम को उनकी मौत हो गई। बता दें कि असम में अब तक कोरोना का कोई भी पॉजिटिव केस नहीं आया है।
कोरोना ( COVID-19 ) से बचाव के लिए ली थी दवा
बर्मन गोवाहाटी के निजी प्रतीक्षा अस्पताल में तैनात थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक निर्मल कुमार हजारिका ने बताया कि कोविड—19 से बचाव के लिए कई डॉक्टर दवा के रूप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का उपयोग कर रहे हैं। डॉक्टर बर्मन ने भी ऐसा ही किया। उन्होंने संभवत: इसकी दो खुराक ली थी। हालांकि, इसका अंदाजा नहीं कि उनकी मौत को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से जोड़ा जा सकता है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है कि डॉक्टर की मौत का कारण क्या रहा।
ICMR ने दी थी मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल टास्क फोर्स ने कोरोना से संक्रमित मरीज के हाई रिस्क जोन में जाने पर बचाव के तौर पर मलेरिया रोकने की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने की मंजूरी दी थी। बता दें कि असम में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। मामले आने की स्थिति में सरकारी लैब और अस्पतालों को ही उनकी निगरानी के लिए अनुमति दी है। लेकिन, एहतियात के तौर पर निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी इस दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इस दवा को कोरोना संदिग्धों और उसके इलाज में जुटे चिकित्सक के लेने की इजाजत मिली है। ऐसे में सरकार ने गैर—जरूरी इस्तेमाल को लेकर चेतावन भी दी है। सरकार ने कहा है कि ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।