
नई दिल्ली। नक्सलियों (Naxalites) के आतंक से जहां सब डरते हैं, वहीं इन दिनों वे खुद सहमे हुए से दिखाई दे रहे हैं। कोरोना के बढ़ते प्रकोप (Coronavirus Fear) ने उन्हें हिलाकर रख दिया है। इतना ही नहीं महामारी के चलते उनमें आपस में फूट भी पड़ने लगी है। तभी तो संगठन के किसी भी सदस्य में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। ऐसा ही कुछ बीजापुर में भी देखने को मिला। यहां माओवादी संगठन से जुड़ी एक महिला सदस्य को कोरोना लक्षण की वजह से हटा दिया गया है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पेद्दाकवाली के जंगल में संदिग्ध परिस्थिति में एक महिला के मौजूद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि उसका नाम सुमित्रा चेपा है। वह 2010 से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई है। वर्तमान में बटालियन के कंपनी नंबर 01 के प्लाटून नंबर 03 की सक्रिय सदस्या के रूप में कार्यरत है।
महिला माओवादी ने बताया कि उसके अचानक सर्दी, खांसी व बुखार की शिकार होने पर बटालियन के माओवादी कमांडर ने उसे बटालियन से अलग कर दिया। कमांडर को डर था कि चेपा कोरोना संकमित है और उससे दूसरे लोग न बीमार पड़ जाए। उसने यह भी बताया कि बटालियन में माओवादियों को सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण दिखने पर उनकाे संगठन से छुट्टी कर दी जा रही है। महिला माओवादी को हिरासत में लिया गया है। उसका अस्पताल में कोरोना संक्रमण संबंधित स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। अभी उसे क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।