-Coronavirus: भारत में कोरोना ( COVID-19 ) की रफ्तार ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैला है।-रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु में बिगड़ते हालातों की वजह से कोरोना ( Coronavirus in India ) के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है।-रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर ( Coronavirus Second Wave ) शुरू हो चुकी है, जो पहले से भी खतरनाक है।

नई दिल्ली।
Coronavirus: भारत में कोरोना ( COVID-19 ) की रफ्तार ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैला है। अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, 54 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके है। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु में बिगड़ते हालातों की वजह से कोरोना ( Coronavirus in india ) के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है। इन राज्यों में मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है, जो पहले से भी खतरनाक है। इन राज्यों में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ाता जा रहा है।
तेजी से बढ़ रहे आंकड़े
पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों के रेसियों में बहुत बड़ा बदलाव आया है। जहां 25 अप्रैल से 5 मई के बीच कोरोना से मौत की संख्या 10 लाख में 1.31 थी। वहीं, अब इसकी संख्या महाराष्ट्र और गुजरात दोनों में 5 के पार पहुंच गई है। इसको लेकर केंद्र सरकार भी चिंतित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ( Ministry of Health ) के मुताबिक, दोनों राज्यों में सर्विलांस, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और पॉजिटिव केस की रिपोर्टिंग में बरती जा रही है।
31 मार्च बाद हालात खराब
बता दें कि देश में पहली मौत 11 मार्च को दर्ज की गई थी। 31 मार्च तक सबकुछ नियंत्रण में था, लेकिन उसके बाद हालात खराब होते गए। 1 अप्रैल से 12 अप्रैल तक केवल 266 लोगों की मौत हुई। जबकि, 13 से 22 अप्रैल के बीच 324 लोगों की मौत हुई थी। 23 से 30 अप्रैल के बीच 6 दिनों में 513 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 1 से 6 मई के बीच 6 दिन में 547 लोगों की मौत हुई है।
जून जुलाई में बढ़ेंगे मामले
कोरोना कहर के बीच एक और डराने वाली बात एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कही हैं। गुलेरिया के मुताबिक, कोरोना का सबसे ज्यादा कहर जून-जुलाई में दिखेगा। अभी कोरोना अपने चरम पर नहीं पहुंचा है। ऐसे में आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि कोरोना अब अपना हाव भाव बदल रहा है। कई ऐसे मरीज भी सामने आए है, जिनके कोई लक्षण नहीं है लेकिन कोरेाना पॉजिटिव मिले है।