भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के प्रकोप से जूझ रही है। देश में कोरोना ( COVID-19 ) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एमपी के इंदौर में डॉक्टर्स ( Indore Incident on Doctors ) पर पथराव की घटना ने दिल का झकझोर दिया, लेकिन हमले का सामना करने वाली दोनों डॉक्टर ने हिम्मत नहीं हारी और डॉ. तृप्ति कटारिया और डॉ. जाकिया मरीजों की जान बचाने ड्यूटी पर लौट आई।
नई दिल्ली।
भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के प्रकोप से जूझ रही है। देश में कोरोना ( COVID-19 ) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस वायरस ( Coronavirus Updates ) के चलते अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी तो वहीं इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 2 हजार से पार हो गई है। लॉकडाउन ( Lockdown ) के चलते लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है, वहीं इस समय भगवान के रूप में डॉक्टर्स-नर्स दिन रात मरीजों की जान बचाने में जुटे हुए है। इसी बीच एमपी के इंदौर में डॉक्टर्स ( Indore Incident on Doctors ) पर पथराव की घटना ने दिल का झकझोर दिया, लेकिन हमले का सामना करने वाली दोनों डॉक्टर ने हिम्मत नहीं हारी।
पथराव से नहीं टूटा हौसला, ड्यूटी पर लौटी डॉक्टर
इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में जब डॉ. तृप्ति कटारिया और डॉ. जाकिया अपनी टीम के साथ जांच के लिए पहुंची तो लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना में दोनों को चोट भी आई, लेकिन जज्बा कम नहीं हुआ। घटना को 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि दोनों डॉक्टर मरीजों की जान बचाने ड्यूटी पर लौट आई। एएनआई से बातचीत में डॉ. जाकिया ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया और कहा, काम तो करेंगे, किसी से डरेंगे थोड़ी। उन्होंने लोगों से कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सतर्कता बरतने की अपील भी की है।
लोग कर रहे सलाम
लोगों ने डॉक्टरों पर हमले की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि इस महामारी से जंग में डॉक्टर भगवान बनकर धरती पर उतरे है। हम उनके जज्बे को सलाम करते। इस समय डॉक्टर ही है जो लोगों की जिंदगी बचा रहे हैं।