पश्चिम बंगाल कोविद-19 ममता सरकार के नियंत्रण से बाहर कुल 516 कंटेनमेंट जोन में से 318 कोलकाता और आसपास के कोलकाता, हावड़ा और उत्तर 24 परगना सबसे ज्यादा प्रभावित
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) के खिलाफ लॉकडाउन ( Lockdown ) लागू होने के 6 सप्ताह बाद भी पश्चिम बंगाल में Covid-19 ममता सरकार ( Mamata Government ) के नियंत्रण से बाहर है। पिछले 7 दिन के अंदर आश्चर्यजनक तरीके से कनटेनमेंट जोन की संख्या में वृद्धि हुई है। सोमवार को अचानक कंटेनमेंट जोन ( Containment ) की संख्या बढ़कर 516 हो गई। 28 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन की संख्या 348 थी। यानि एक सप्ताह के अंदर पश्चिम बंगाल में 168 कंटेनमेंट जोन का इजाफा हुआ।
ध्यान देने की बात यह है कि अधिकांश कंटेनमेंट जोन राज्य की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में हैं। कोलकाता में 318 कंटेनमेंट जोन हैं। एक सप्ताह में 91 नए जोन जुड़े हैं।
कोलकाता के अलावा 2 हॉटस्पॉट या रेड ज़ोन जिले जो सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं उनमें हावड़ा और उत्तर 24 परगना शामिल है। दोनों जिले राज्य के राजधानी के करीब हैं। हावड़ा में कंटेनमेंट जोन की संख्या 56 से 74 तो उत्तर 24 परगना में 57 से 81 हो गई है।
मुख्य सचिव राजीव सिन्हा के मुताबिक पिछले 10 दिनों में सभी नए मामलों में से 80 फीसदी मामले इन्हीं तीन जिलों से हैं। दूसरी तरफ दक्षिण 24 परगना, नादिया, पश्चिम मिदनापुर, पूर्वी मिदनापुर और हुगली जिलों में 93 कंटेनमेंट जोन हैं।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस को लेकर जारी लॉकडाउन 3.0 सोमवार से लागू हो गया। गृह मंत्रायल ने देश के कई शहरों में शराब की बिक्री की इजाजत दी है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की भी हिदायत दी थी लेकिन पहले ही दिन देश के तमाम शराब के ठेके पर इसकी जमकर धज्जियां उठाई गईं। दिल्ली के कई इलाकों में भगदड़ तक मच गई।