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देश में बढ़ी कोरोना के पॉजिटिव केसों की दर, Covid 19 के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का बड़ा संकेत तो नहीं!

Coronavirus संकट के बीच सामने आई चौंकाने वाली खबर देश में तेजी से बढ़ रही है Corona Positive Case की दर मई के मुकाबले जून में करीब दोगुना का आया अंतर

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Jun 19, 2020
देश में बढ़ी कोरोना पॉजिटिव केसों की दर, कम्युनिटी ट्रांसमिशन की तरफ बड़ा इशारा

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus )लगातार अपने पैर पसार रहा है। अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 3 लाख 67 हजार के पार पहुंच चुकी है। लेकिन इन सबके बीच जो खबर सामने आ रही है उसने निश्चित रूप से हर किसी चिंता को बढ़ा दिया है। क्या देश में कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन ( Community Transmission ) हो गया है? दर आंकड़े तो कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं कि कोविड-19 ( Covid 19 ) का फैलाव देशभर में तेजी से हो रहा है।

देशभर में कोविड-19 के लिए पॉजिटिव ( Corona Positive Cases ) पाए जाने वाले नमूनों की औसत दर 17 मई को समाप्त सप्ताह में 4.6% थी, जो 17 जून को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 7.8% हो गई है। यानी करीब-करीब दोगुनी दर हो चुकी है। यही नहीं राजधानी दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में कोरोना का बढ़ना भी बड़े खतरे की निशानी है। जानकारों की मानें तो ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि महामारी का प्रकोप देश में बढ़ रहा है।

दिल्ली में बिगड़ रहे हालात
राजधानी दिल्ली में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में 17 मई तक जहां पॉजिटिव केसों की संख्या 7 फीसदी थी, वहीं 17 जून तक बढ़कर 31.6 फीसदी हो गई है। इसे और आसान शब्दों में यूं समझें कि पहले जहां 100 नमूनों में 7 पॉजिटिव पाए जा रहे थे,वहीं अब ये बढ़कर 31 हो गए हैं।

इसलिए ज्यादा दिखता है पॉजिटिव रेट
भारत परीक्षण किए गए व्यक्तियों का नहीं बल्कि परीक्षण किए गए नमूनों का डाटा देता है। इसका मतलब यह है कि जो लोग कई बार परीक्षण करवाते हैं, उन्हें हर बार गिना जाता है, इसलिए पॉजिटिव दर डाटा के सुझाव से अधिक हो सकती है।

भारत में 17 जून तक कोविद -19 के लिए 6.2 मिलियन से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से 367,117 मामले सामने आए हैं। जो बताता है कि देश में जनवरी से शुरू किए गए परीक्षण के दौरान पॉजिटिव दर 5.9 फीसदी थी।

विशेषज्ञों ने कहा कि नए मामलों में वृद्धि के साथ सकारात्मकता की दर बढ़ने से पता चलता है कि वायरस फैल रहा है।

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च इन वायरोलॉजी के पूर्व प्रमुख टी जैकब जॉन के मुताबिक सकारात्मक दर में बढ़ोतरी लोगों के बीच में वायरस की व्यापकता में वृद्धि का प्रतिबिंब है।

दरअसल भारत में उन लोगों की जांच की जाती है, जिन में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इस रणनीति से सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इस प्रक्रिया में वो लोग छूट जाते हैं जिनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें भी कोरोना है।

जॉन के मुताबिक अब तक देश की 0.5 फीसदी आबादी से भी कम की कोरोना जांच की गई है। यह आंकड़ा काफी कम है। हम यह नहीं मान सकते कि पूरी संक्रमित आबादी एक छोटे से अंश तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती पॉजिटिव दर इशारा करती है कि बाकी 99.5 फीसदी में संक्रमण दर बढ़ रहा है और अप्रत्यक्ष रूप से इस तथ्य की ओर इशारा करती है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन ( Community Transmition ) हो रहा है।

Published on:
19 Jun 2020 10:52 am
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