
नई दिल्ली। एक तरफ देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus Pandemic ) से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी जारी है तो दूसरी तरफ रिकॉर्ड संख्या में अब कोरोना मरीज ठीक भी होने लगे हैं। यही वजह है कि इस बहस को अब बल मिला है कि क्या कोरोना पीक पर पहुंच गया है? क्या भारत ( India ) में अब कोरोना से राहत के दिन आने वाले हैं। इस बारे में अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन बड़ी संख्या में मरीजों के ठीक होने को लेकर यह धारणा चिकित्सकों में बनने लगी हैं कि हम भी बेहतरी की ओर बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ( Health Ministry ) के मुताबिक शुक्रवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 62,282 मरीज ठीक हुए। अब तक कुल 21 लाख 58 हजार मरीज रिकवर हो चुके हैं। दुनिया के दूसरे देशों का उदाहरण देखें तो भारत कोविद-19 ( Covid-19 ) के पीक के नजदीक पहुंच चुका है। इसका मतलब है कि अब मरीजों की संख्या घटने लगेगी।
भारत में रिकवरी रेट 74.28%
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रिकवरी रेट ( recovery rate ) 21 अगस्त को 74.28% से अधिक हो चुकी है। 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रिकवरी रेट 50 फीसदी से अधिक है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश में कोरोना से मृत्यु ( death rate ) की दर दुनिया के औसत से कम है और इसमें लगातार गिरावट आ गई है। कोरोना मृत्यु दर अब 1.89 फीसदी है।
हेल्थ मिनिस्ट्री की ताजा रिपोर्ट के बाद इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि क्या भारत कोविद-19 के पीक पर पहुंचने वाला है या पीक पर पहुंच चुका है?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI report ) ने एक ताजा अध्ययन के आधार पर बताया है कि दुनिया के दूसरे देशों का जो उदाहरण दिया हमारे सामने है उसके मुताबिक भारत भी अब बेहतरी की ओर बढ़ रहा है।
पीक पर पहुंचने के लिए रिकवरी रेट 75% होना जरूरी
एसबीआई ने 17 अगस्त को जारी रिपोर्ट में बताया है कि भारत में 30 जुलाई से 15 अगस्त के बीच 10 लाख केस दर्ज किए गए। प्रतिदिन औसतन 58 हजार केस। इसके बावजूद अब भी एक बड़ा सवाल है कि भारत कब पीक पर पहुंचेगा? कुछ देशों के पीक डेटा और रिकवरी रेट के आधार पर हम मानते हैं कि भारत तब पीक पर पहुंचेगा जब रिकवरी रेट 75 पर्सेंट के पार हो जाए।
एसबीआई की रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि रिकवरी रेट और पीक रेट में कोई लिंक नहीं है, क्योंकि ब्राजील तभी पीक पर पहुंच गया जब यहां रिकवरी दर 69 पर्सेंट थी। रिपोर्ट में देश के अलग-अलग राज्यों की स्थिति का विश्लेषण भी किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में हर राज्य की स्थिति अलग—अलग है।
दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु में पीक बीत चुका है
देश के कुछ राज्यों में माना जा सकता है कि पीक बीत चुका है, जैसे दिल्ली, तमिलनाडु आदि। जबकि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में यह अब भी आना बाकी है। एसबीआई रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 में से कम से कम 22 राज्यों में पीक आना अब भी बाकी है। तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, त्रिपुरा में माना जा सकता है कि पीक बीत चुका है।