प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को लंदन पहुंच गए हैं।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को लंदन पहुंच गए हैं। लेकिन पीएम को अपने इंग्लैंड दौरे के दौरान बुधवार को विरोध को सामना करना पड़ सकता है।
कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का विरोध
कठुवा और उन्नाव रेप कांड को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पीएम को विरोध करने की बात कही है। कई संगठनों ने अपनी एकता दिखाते हुए सबको विरोध प्रदर्शन के लिए बुलाया है। बता दें कि इन घटनाओं को लेकर इंग्लैंड में रह रहे दक्षिण एशियाई और भारतीय समुदाय के लोगों में खासी नाराजगी है।
मूक विरोध प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि ये एक मूक विरोध प्रदर्शन होगा, जिसके लिए देश में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भारत में हो रही अत्याचार की घटनाओं की निंदा करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से सफेद कपड़े पहनकर शामिल होने की बात कही गई है।
दलित महिला संगठन का विरोध
ये मूक प्रदर्शन ब्रिटेन की कुछ भारतीय महिला समूह आयोजित कर रही हैं जिसमें कई दलित महिलाएं भी शामिल हैं।
इन संगठनों ने कहा है कि कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार एवं हत्या की घटना को लेकर एक मीटिंग बुलाई जाएगी जिसमें विरोध और दुख जताने के लिए मूक प्रदर्शन किया जाएगा।
पीएम से पूछेंगे ये सवाल
ये लोग लंदन के डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर पीएम मोदी का भारी विरोध करने की तैयारी में हैं। ये लोग पीएम से मामले पर जवाब चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर सरकार में बीजेपी के मंत्रियों ने इस घटना पर कड़े कदम क्यों नहीं उठाए। उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप केस मामले पर जवाब मांगा है कि आरोपी बीजेपी विधायक को आखिर क्यों इतने लंबे समय तक बचाया गया। साथ ही ये लोग पीएम से सीधा जवाब चाहते हैं कि क्यों देश में महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।
बताते चलें कि इंग्लैंड में पीएम मोदी का विरोध 'मोदी नॉट वेलकम' के बैनर तले किया जाएगा। इस विरोध का आयोजन 'साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप', 'कास्टवाच यूके' और ब्रिटेन की महिला संगठनों द्वारा किया गया है।