विविध भारत

भारत में फांसी के जरिए दी जाती है मौत की सजा, जानिए अमरीका कैसे देता मृत्युदंड

Highlights. - अमरोहा जिले की रहने वाली शबनम को फरवरी के अंतिम या मार्च की शुरुआत में मौत की सजा दी जा सकती है - अमरीका में गत 13 जनवरी को एक महिला को मौत की सजा दी गई, वहां 1982 से यह प्रक्रिया चली आ रही है - अमरीका में अपराधी को 1890 तक फांसी और उसके बाद बिजली के करंट से मौत की सजा दिए जाने का प्रावधान था  

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Feb 19, 2021

नई दिल्ली।

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की रहने वाली शबनम को फरवरी के अंतिम या मार्च की शुरुआत में मौत की सजा दी जा सकती है। मथुरा की जेल में यह सजा फांसी पर लटका कर दी जाएगी। वैसे भी भारत में फांसी के जरिए ही मौत की सजा दिए जाने का प्रावधान है। अब हम आपको बताएंगे कि अमरीका अपने यहां दोषियों को मौत की सजा किस तरह देता है।

वैसे तो शबनम को फांसी पर लटका कर मौत की सजा दी जाएगी, मगर देश मे मौत की सजा के लिए दूसरे तरीकों पर भी चर्चा होती रही है। हालांकि, अभी तक जिस तरह से फांसी दी जाती है, विशेषज्ञों को यह तरीका ज्यादा सही लगता है। अब बात दूसरे देशों की करें, तो ज्यादातर जगह इंजेक्शन में जहर देकर मौत की सजा दी जाती है। खुद अमरीका भी ऐसा ही करता है।

गत 13 जनवरी को अमरीका में भी पहली बार एक महिला को फांसी की सजा दी गई। हालांकि, अमरीका में मौत की सजा बंद कर दी गई थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उसे फिर से शुरू कर दिया है। महिला को यह सजा इंजेक्शन के जरिए शरीर में जहर पहुंचाकर दी गई। इससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

किस तरह काम करता है यह इंजेक्शन
अपराधी को जब इंजेक्शन लगाया जाता है, तब थोड़ी ही देर में वह बेहोश हो जाता है और बाद में उसकी मौत हो जाती है। हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया बहुत जल्दी होती है और देखते ही देखते शख्स की मौत हो जाती है। इस इंजेक्शन को लीथल इंजेक्शन कहते हैं। यह इंजेक्शन दो या दो से अधिक दवाओं को मिलाकर बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ मौत की सजा पाए लोगों पर ही होता है। इस इंजेक्शन के लगते ही दवाएं शख्स को पहले बेहोश करती हैं, फिर सांस लेने से रोकती हैं और अचानक उसकी मौत हो जाती हैै। इस इंजेक्शन का इस्तेमाल अमरीका के अलावा कुछ और देश भी करते हैं।

पहले फांसी और बाद में करंट से दी जाती थी मौत की सजा
हालांकि, ऐसा नहीं है कि अमरीका में शुरू से लीथल इंजेक्शन के जरिए अपराधी को मौत की सजा दी जाती रही है। 1890 तक अमरीका में फांसी के जरिए अपराधी को मौत की सजा दी जाती थी। इसके बाद, वह कुर्सी जिसमें बिजली का करंट प्रवाहित होता था, उस पर बैठाकर मौत दी जाती थी। करंट वाला यह तरीका काफी लंबे समय तक चला। 1982 में लीथल इंजेक्शन के जरिए पहली बार मौत की सजा दी गई। इसकी शुरुआत टेक्सास स्टेट से हुई।

बहरहाल, कई देश अपने यहां मौत की सजा पाए अपराधी को यह तरीका चुनने का अधिकार भी देते हैं कि वह किस तरह की मौत मरना चाहता है। वैसे, लीथल इंजेक्शन आने के बाद ज्यादातर अपराधी इसे ही चुनते हैं।

Published on:
19 Feb 2021 07:26 am
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