
नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर जहां तनाव पहले की तरह बरकरार है वहीं एक सकारात्मक संकेत यह है कि मॉस्को में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंग के बीच मुलाकात हो सकती है। हालांकि मुलाकात और बातचीत को लेकर अभी कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। इसके बावजूद रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शेइगू से भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद इस बात की उम्मीद समाप्त नहीं हुई है।
अभी तक की जानकारी के मुताबिक मॉस्कों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू के बीच लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच चीन के रक्षा मंत्री से मुलाकात को लेकर भी चर्चा हुई। रूस के रक्षा मंत्री ने भारत-चीन के बीच बेहतर संबंधों के लिए बातचीत को जारी रखने पर जोर दिया। इसके बाद संकेत मिले हैं कि चीन के रक्षा मंत्री से राजनाथ सिंह मॉस्को से रवाना होने से पहले मुलाकात कर सकते हैं।
चीन को किया आगाह
इससे पहले एससीओ समिट बोलते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) ने साफ कर दिया है कि रीजनल स्टैबिलिटी के लिए किसी भी राष्ट्र के आक्रामक तेवर को सही नहीं ठहराया जा सकता। इतना ही उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद की निंदा करता है और उन लोगों की भी जो इसे संरक्षण देते हैं।
एससीओ की बैठक में शामिल होंगे जयशंकर
दूसरी तरफ खबर यह भी है कि एमईए एस जयशंकर मॉस्को में 10 सितंबर को प्रस्तावित शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में शिरकत करेंगे। रूस के विदेश मंत्री सर्गे लावरोव लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि भारतीय विदेश मंत्री एससीओ की बैठक में शामिल हों।
वहीं भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एमईए एस जयशंकर ने राय जाहिर की है कि दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में जारी तनाव का रास्ता कूटनीतिक प्रयासों से ही निकलेगा। इससे भी साफ है कि भारतीय रक्षा मंत्री मॉस्को से अच्छा संदेश लेकर आ सकते हैं।
चीन से अन्य पड़ोसी देश भी नाराज
चीन ने एक साथ अपने सभी पड़ोसियों संबंध खराब कर लिए हैं। सभी के साथ तनाव जारी है और युद्ध की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। खबर तो यहां तक है कि ताइवान ने दक्षिण सागर में चीन के फाइटर जेट सुखोई-35एस को मार गिराया है। इसके अलावा अन्य पड़ोसी जापान, मंगोलिया, वियतनाम आदि ने चीन के खिलाफ सामने आ गए हैं।
कनाडा और आस्ट्रेलिया ने भी दी चेतावनी
इतना ही नहीं, कनाडा और आस्ट्रेलिया ने भी ड्रैगन को पड़ोसियों को डराने की नीतियों से बचने की चेतावनी दी हैं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन भारत के साथ सभी पड़ोसियों की नाराजगी से घिर गया है। भारतीय सेनाध्यक्ष एमसम नरवणे ने भी माना है कि भारत-चीन सीमा पर हालात बेहद खतरनाक हैं।