राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1300 नए मामले सामने आए दिल्ली में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 4100 के पार निकल गई
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1300 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 4100 के पार निकल गई है। दिल्ली में फिलहाल कोरोना के कुल सक्रिय मरीजों की संख्या में से आधे से ज्यादा कोरोना मरीज अपने-अपने घरों में ही होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए एक दिन के भीतर दिल्ली में केवल 5702 आरटी पीसीआर टेस्ट किए गए हैं। जबकि पिछले महीने यानी जुलाई की शुरूआत में 1 जुलाई को दिल्ली में कोरोना की जांच के लिए लगभग 11,000 आरटी पीसीआर और लगभग 10,000 एंटीजेंट टेस्ट किए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि राजधानी में एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ा दी गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा जा सकता है कि 24 घंटे में दिल्ली में 18,085 एंटीजन टेस्ट किए गए।
दरअसल, दिल्ली सरकार ने रविवार को कोरोना बुलेटिन जारी किया। बुलेटिन में दिल्ली सरकार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से 1300 नए केस रिकॉर्ड किए गए हैं। जबकि इसी समयावधि में 1225 लोगों ने कोरोना को हराकर एक स्वास्थ्य जीवन शुरू किया है। हालांकि 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस से दिल्ली में 13 लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत हुई है। दिल्ली सरकार के अनुसार राजधनी में अब तक 4,111 लोगों ने इस घातक बीमारी की वजह से मौत हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में कुल 1,45,427 व्यक्तियों को कोरोना हुआ, इनमें से 1,30,587 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में फिलहाल 10,729 एक्टिव कोरोना रोगी है। इनमें से 5462 कोरोना रोगियों का उपचार उनके घरों पर ही चल रहा है।"
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रण में है। दिल्ली में सभी पैरामीटर्स अच्छे हो रहे हैं। पॉजिटिविटी औसत और मौतें भी कम हो रही है। अंबेडकर अस्पताल में शुरू कोविड समर्पित 200 बेड दिल्ली की स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने करने में बहुत बड़ा कदम है।"दिल्ली के अस्पतालों में 13,527 बेड, कोरोना रोगियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें से 3084 बेड उपयोग में है जबकि 10,443 बेड विभिन्न अस्पतालों में खाली पड़े हैं।