
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार का दिन काफी जहरीला रहा। सुबह से ही धुंध और पॉल्यूशन ने दिल्ली और आसपास के इलाकों को अपने आगोश में ले लिया था। सोमवार की शाम से ही स्मॉग की वजह से विजिबलिटी 500 मीटर तक पहुंच गई थी। दिल्ली में तो विजिबलिटी 100 मीटर से कम रही। मंगलवार को तो सुबह से ही स्थिति बेहद खराब हो गई थी। दिल्ली-एनसीआर में लोगों को गाड़ी चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मौसम विभाग की माने तो आने वाले 4 से 5 दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों को इस दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
स्कूलों को बंद किए जाने पर हो रहा है विचार
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या को लेकर अब सरकार भी चिंतित है। इस समस्या को लेकर अब सरकार की भी नींद टूट गई है। खबर है कि दिल्ली सरकार सभी स्कूलों को बंद करने पर विचार कर रही है, क्योंकी मंगलवार को धुंध की चादर से ही लगातार लोगों ने आंखों में जलन और खांसी की बात कही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ये कहा है कि स्कूलों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। सीएम ने दिल्ली को गैस चैंबर बताया है।
दिल्ली बनी गैस चैंबर- अरविंद केजरीवाल
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''दिल्ली गैस चेंबर बन गई है. हर साल इन दिनों दिल्ली प्रदूषण की समस्या से घिर जाती है. ऐसे में पड़ोसी राज्यों से पराली जलाने के कारण फैलने वाले प्रदूषण को रोकने का समाधान ढूंढना होगा." धुंध का असर न सिर्फ सड़कों पर दिखा, बल्कि रेल यातायात और हवाई यातायात पर भी स्मॉग का बुरा प्रभाव पड़ा। धुंध की वजह से दिल्ली से चलने वाली 20 से अधिक रेलगाड़ियां लेट हैं।
IMA ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी
मौसम विभाग का कहना है कि जहरीले स्मॉग का कहर तीन से पांच दिनों तक ऐसा ही बना रहेगा। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने दिल्ली में हेल्थ एमरजेंसी घोषित किया है। IMA अध्यक्ष डॉक्टर केके अग्रवाल के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में तत्काल स्कूल बंद किए जाने चाहिए।