दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के बीच ऑटो और रिक्शा चालकों को 5-5 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की योजना बनाई है।
नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच लाखों लोगों की नौकरी चली गई है तो वहीं करोड़ों लोग बेरोजगार हुए हैं। जबकि करोड़ों लोगों की सैलरी में कटौती हुई है। ऐसे में लोग आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से रेहड़ी-पटरी वालों और ऑटो-रिक्शा चालकों पर सबसे अधिक आर्थिक प्रभाव पड़ा है। इन सबके बीच राजधानी दिल्ली में ऑटो-रिक्शा चालकों को लेकर अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के बीच ऑटो और रिक्शा चालकों को 5-5 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की योजना बनाई है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि उनके विभाग ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान हर ‘पैरा-ट्रांजिट' वाहन चालक को पांच-पांच हजार रुपए की एकमुश्त सहायता देने की योजना के तहत 1.5 लाख से अधिक मामलों को मंजूरी दी है।
60 हजार चालकों को मिलेगा लाभ
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट करते हुए बताया, ‘‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने 1,55,301 मामलों को मंजूरी दे दी है और सोमवार शाम से ‘पैरा ट्रांजिट' वाहनों के चालकों / मालिकों को उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में ‘‘पांच-पांच हजार रुपए वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी।''
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस महीने की शुरुआत में एकमुश्त वित्तीय सहायता की इस योजना में ई-रिक्शा मालिकों को भी कवर करने का फैसला किया था। सरकार के इस फैसले से दिल्ली में पंजीकृत ई-रिक्शा के मालिकों और ‘पैरा-ट्रांजिट' वाहनों के 60,000 से अधिक परमिट धारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।