दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका का खारिज कर दिया, जिसमें मीडिया को सैनिकों के संदर्भ में मारे गए या मर गए के स्थान पर 'शहीद' शब्द का इस्तेमाल करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका का खारिज कर दिया, जिसमें मीडिया को सैनिकों के संदर्भ में मारे गए या मर गए के स्थान पर 'शहीद' शब्द का इस्तेमाल करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता व अधिवक्ता अभिषेक चौधरी को उसी आधार पर इस तरह की अर्जी दाखिल करने के लिए फटकार लगाई, जो अक्टूबर 2016 में एक अन्य पीठ द्वारा पहले ही रद्द कर दी गई थी।
आपको बता दें कि याचिकाकर्ता चौधरी ने प्रेस और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को 'सैनिकों की शहादत पर सम्मानजनक शब्दों' का उपयोग करने के लिए निर्देश देने की याचिका दायर की थी। उन्होंने अदालत से 'शहीद' शब्द का उपयोग करने के लिए मीडिया को निर्देश देने का आग्रह किया क्योंकि 'वीर सैनिक कभी नहीं मरते।' 14 फरवरी को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में एक आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों के शहीद होने के बाद यह याचिका दायर की गई थी।