भारत विरोधी नारेबाजी होने के सिलसिले में विश्वविद्यालय के अपीलीय प्राधिकरण ने कन्हैया कुमार पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक नया फैसला सुनाया है।
20 जुलाई तक कन्हैया के खिलाफ कोई भी कदम ना उठाए
दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को आदेश दिया है कि वह 20 जुलाई तक कन्हैया के खिलाफ कोई भी कदम ना उठाए। दरअसल, कन्हैया पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा है, जिसके संबंध में कोर्ट ने जेएनयू को आदेश दिया है कि जुर्माने को लेकर कन्हैया कुमार के खिलाफ 20 जुलाई तक कोई भी दंडात्मक कदम ना उठाया जाए।
कन्हैया कुमार पर है 10,000 रुपये का जुर्माना
बता दें कि 2016 में संसद हमले के आरोपी अफजल गुरू को फांसी देने के संबंध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। भारत विरोधी नारेबाजी होने के सिलसिले में विश्वविद्यालय के अपीलीय प्राधिकरण ने कन्हैया कुमार पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।
जस्टिस रेखा पल्ली ने दिया आदेश
मामले पर जस्टिस रेखा पल्ली ने जेएनयू को आदेश दिया है कि जुर्माना मामले में कन्हैया कुमार पर कोई दंडात्मक कदम ना उठाया जाए। आपको बता दें कि मामले के जज इस समय अवकाश पर चल रहे हैं, जिसके चलते जस्टिस रेखा पल्ली ने इस पर आदेश दिया। जस्टिस रेखा पल्ली ने बताया कि उन्होंने अभी तक मामले की पूरी फाइल नहीं पढ़ी है।
कन्हैया कुमार की वकील ने कहा..
दूसरी तरफ कन्हैया कुमार के वकील रेबेका जॉन और वकील तरन्नुम चीमा ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि जुर्माना भरने की आखिर तारीख आज यानी बुधवार को है। आगे उन्होंने कहा कि कन्हैया अब जेएनयू के छात्र भी नहीं हैं, ऐसे में भी इस मामले पर जल्द सुनवाई जरूरी हो गई है।