23 सितंबर यानी आज से पूरे देश में केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत हो गई।
नई दिल्ली : 23 सितंबर यानी आज से पूरे देश में केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत हो गई। लेकिन पूरे भारत के ऐसे लोग जो अपना अपना स्वास्थ्य लाभ दिल्ली में कराना चाहते हैं, उनके लिए इस योजना का फायदा उठाना आसान नहीं होने जा रहा है।
बता दें कि उत्तर भारतीय राज्यों राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार आदि राज्यों से हर दिन हजारों की तादाद में लोग अपना या अपने परिजनों का इलाज करवाने दिल्ली आते हैं। इन लोगों को दिल्ली के निजी और राज्य सरकार अस्पतालों में इस स्कीम के तहत इलाज नहीं मिल सकेगा। वह सिर्फ केंद्र सरकार के एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया जैसे अस्पतालों में ही इस बीमा योजना के तहत इलाज करवा पाएंगे।
दिल्ली सरकार की केंद्र से रार
बता दें कि दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत के लिए केंद्र सरकार के साथ एमओयू साइन नहीं किया है। इस कारण अभी तक दिल्ली के अस्पताल इस बीमा योजना पैनल में शामिल नहीं हुए हैं। इस वजह से दिल्ली राज्य सरकार के अस्पताल और निजी अस्पतालों का पंजीयन नहीं हुआ है। जाहिर है कि बीमा योजना में बिना पंजीयन के कोई अस्पताल मरीजों आयुष्मान भारत योजना के तहत कोई सुविधा नहीं दे सकता।
पंजाब ने भी नहीं किया एमओयू साइन
एमओयू साइन नहीं करने वालों में सिर्फ दिल्ली इकलौता राज्य नहीं है, बल्कि पंजाब राज्य भी इसमें शामिल है। बता दें कि पंजाब में भी दिल्ली की ही तरह 2015 में भगत पूरन सिंह सेहत बीमा योजना (बीपीएसएसबीवाई) एवं भाई घनैया सेहत सेवा स्कीम (बीजीएसएसएस) शुरू की गई थी। इस वजह से उसने भी आयुष्मान भारत में कोई रुचि नहीं दिखाई।
दिल्ली के प्रस्ताव पर अब तक सहमति नहीं
बता दें कि इस बारे में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्ति भूषण ने इस बारे में कुछ माह पहले ही कहा था कि केंद्र को दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव दिया था कि बिजली उपभोक्ता एवं राशन कार्ड धारकों को इस सुविधा का लाभ मिले। पर केंद्र से इस मामले में कोई सहमति नहीं बन पाई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि वह मोहल्ला क्लिनिक के साथ दिल्ली वासियों को इस तरह की कई तरह की मुफ्त सुविधा पहले से ही दी जा रही है। हालांकि इतना तय है कि दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच जब तक एमओयू साइन नहीं होता, दिल्ली के निजी और राज्य सरकार के अस्पतालों में फिलहाल आयुष्मान भारत का लाभ मिलने में संदेह बना हुआ है।