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Delhi Violence:  सोनिया गांधी बोलीं- गांधी के भारत में हिंसा का स्थान नहीं, फिरकापरस्तों को विफल करने की अपील

हेड कॉन्स्टेबल की मौत पर सोनिया ने जताया दुख शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान हिंसक झड़प में पुलिस अधिकारी सहित 66 लोग घायल
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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नाॅर्थ-ईस्ट दिल्ली में जारी हिंसक घटनाओं को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने अपने बयान में दिल्ली की जनता से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और देश को मजहब के आधार पर बांटने वाली फिरकापरस्त ताकतों को विफल करने की अपील की है। उन्होंने हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

राहुल गांधी ने की धैर्य बनाए रखने की अपील

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी के देश में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। देश में उन ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है जो अपनी सांप्रदायिक और विभाजनकारी विचारधारा थोपना चाहते हैं। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर दिल्ली में हुई हिंसा की निंदा की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता। शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। उन्होंने दिल्लीवासियों से धैर्य बनाए रखने और शांति की अपील की।

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटकर बताया है कि देश की राजधानी दिल्ली में आज पूरा दिन हिंसा से भरा रहा। हिंसा से सिर्फ और सिर्फ आम जनता और देश का नुकसान होता है। इसे रोकने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है। महात्मा गांधी का देश शांति का देश है। सभी दिल्लीवासियों से मैं शांति की अपील करती हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध करती हूं कि माहौल का शांत बनाए रखने में का काम करें।

बता दें कि दिल्ली के मौजपुर और जफराबाद में सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और समर्थन में प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। इस हिंसक झड़प में एक हेड कॉन्सटेबल समेत 4 लोगों की मौत हो गई। जबकि अलग-अलग जगहों पर कुल 66 लोग घायल हो गए।

Updated on:
25 Feb 2020 08:58 am
Published on:
25 Feb 2020 08:53 am