
नई दिल्ली। ब्रिटिश संसद में कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन पर चर्चा को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि किसानों आंदोलन को लेकर यूके की संसद में चर्चा में कुछ मुझे कुछ आश्चर्यजनक या गलत नहीं लगता है। हमें इसे सामान्य रूप में लेना चाहिए। लोकतांत्रिक समाज में ऐसा होता है।
चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र होते हैं
मुद्दे पर मैं भारत सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकता। लेकिन हमें यह समझना जरूरी है कि ब्रिटिश संसद में किसान आंदोलन पर चर्चा एक पक्ष है। लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। यूके के संसद में भी वही हुआ है।
हम भी ऐसा कर सकते हैं
हम भारतीय संसद में भी फिलिस्तीन के मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। ऐसा हमने पहले किया भी है। आगे भी कर सकते हैं। इस लिहाज से ब्रिटिश संसद को भी ये अधिकार है कि वो किसी दूसरे देश के किसी घरेलू मुद्दे को चर्चा के लिए चुनते हैं या नहीं।