
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा हल्द्वानी और ऋषिकेश (Haldwani And Rishikesh) में बन रहे कोविड अस्पतालों (Covid Hospitals) में वेंटिलेंटर सहित 50 आईसीयू बिस्तर को बच्चों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने मीडिया को बताया कि इन दोनों अस्पतालों में से प्रत्येक में 25-25 बिस्तर बच्चों के लिए आरक्षित होंगे। ऐसा माना जा रहा है कि यहां पर तीसर लहर से निपटने की पहले ही तैयारी कर ली गई है। तीसरी लहर में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बच्चों के लिए अधिक घातक होगी।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा ऋषिकेश के आइडीपीएल कैंपस में तथा हल्द्वानी में कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों का निर्माण कार्य जारी है। दोनों अस्पतालों का संचालन अगले माह तक शुरू होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल जांच प्रयोगशाला
नेगी के अनुसार राज्य सरकार अब शहर के साथ गांव में ही मरीजों को उचित स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा नई व्यवस्था के तहत हर ब्लॉक में एक कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र और एक नियंत्रण कक्ष को बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल जांच प्रयोगशाला का भी प्रयास होगा। ये गांव-गांव जाकर लोगों के नमूनों की जांच करेगी।
1,98,530 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं
उत्तराखंड में रविवार को कोविड-19 के 4496 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 24 घंटे में 188 संक्रमितों की मौत हो गई। यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में अब तक प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona virus) से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 2,87,286 हो चुकी है। बुलेटिन के अनुसार सर्वाधिक 1248 नए मामले देहरादून जिले में मिले हैं। राज्य में अब तक कुल 4811 कोरोना वायरस संक्रमितों की मौत हो चुकी है। यहां पर उपचाराधीन मामलों की संख्या 78,802 हैं। वहीं 1,98,530 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।