ओडिशा में DRDO ने निर्भय क्रूज मिसाइल ( nirbhay cruise missile ) को समुद्र में लॉन्च किया और 8 मिनट बाद रोका। कुछ महीनों में टेस्टिंग के बाद निर्भय मिसाइलों को सेना में औपचारिक रूप शामिल किया जाएगा। भारत-चीन गतिरोध के बाद से डीआरडीओ ने हथियारों के विकास और परीक्षण कर दिए तेज।
भुवनेश्वर। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने सोमवार को ओडिशा स्थित परीक्षण केंद्र से 800 किलोमीटर की रेंज वाली निर्भय क्रूज मिसाइल ( nirbhay cruise missile ) को बंगाल की खाड़ी में लॉन्च किया। हालांकि डीआरडीओ ने कुछ ही मिनट बाद परीक्षण को रद्द करने का फैसला किया।
इस संबंध में एक सरकारी अधिकारी ने बताया, "मिसाइल को परीक्षण केंद्र से सुबह 10.30 बजे लॉन्च किया गया। लेकिन मिसाइल में कुछ तकनीकी दिक्कत आ गई और 8 मिनट बाद यह परीक्षण समाप्त कर दिया गया।"
डीआरडीओ द्वारा पिछले 35 दिनों के दौरान दागी जाने वाली निर्भय 10वीं मिसाइल थी। इस हिसाब से डीआरडीओ औसतन हर चार दिन में एक मिसाइल का परीक्षण कर रहा है। भारत द्वारा नए युग के तैयार हथियारों की तैनाती, अत्याधुनिक हथियारों का विकास और परीक्षण, पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के सैनिकों द्वारा की गई हरकत की प्रतिक्रिया के रूप में सामने आ रहा है।
पूर्वी लद्दाख में कई बिंदुओं पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुए गतिरोध के बाद एलएसी के साथ मिसाइलों की तैनाती के लिए इनके विकास में तेजी लाने के लिए डीआरडीओ की तेजी से की जा रही कोशिशों के तहत सोमवार का परीक्षण आयोजित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिकों को परीक्षणों के दौरान उत्पन्न आंकड़ों का विश्लेषण करना चाहिए ताकि उन चीजों का पता लगाया जा सके जिन्हें दूर किए जाने की जरूरत है।
इस मामले से परिचित लोगों ने कहा कि डीआरडीओ अगले कुछ महीनों में निर्भय मिसाइल का एक और परीक्षण करेगा, जो मिसाइल के पूर्ण रूप से भारतीय सेना में शामिल होने और सीमाओं पर तैनाती का रास्ता तैयार करेगा। निर्भय मिसाइलों की सीमित संख्या को सोमवार को आठवें दौर की परीक्षण फायरिंग से पहले चीन की सीमा पर ले जाया गया था।
निर्भय मिसाइल