विविध भारत

NAMO के स्वागत को आतुर दुबई, भारतीयों में खासा उत्साह

दुबई में तीन दशक बाद एक भारतीय प्रधानमंत्री अपनों से मिलने पहुंच रहा है। इससे पहले सन 1981 में तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दुबई आई थीं।
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Aug 10, 2015
NaMo
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- नूपुर दीक्षित दुबे

दुबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुबई यात्रा को लेकर दुबई में बसे भारतीयों में खासा उत्साह है। यहां तीन दशक बाद एक भारतीय प्रधानमंत्री अपनों से मिलने पहुंच रहा है। इससे पहले सन 1981 में तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दुबई आई थीं। बीते तीन दशकों में ना केवल दुबई बल्कि समूचे संयुक्त अरब अमीरात का परिदृश्य बदल गया। दुबई ने तो भारतीयों को इस तरह बाहें फैलाकर अपनाया, कि आज यहां मूल अरबी निवासियों की तुलना में प्रवासी भारतीयों की संख्या ज्यादा हो चुकी है। कुछ इलाकों में तो भारतीयों की तादाद इतनी ज्यादा है कि वहां की सडकों, डिपार्टमेंटल स्टोर और पब्लिक पार्किंग में हर चेहरा भारतीय नजर आता है।

संयुक्त अरब अमीरात में दो दिन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री 17 अगस्त को जनसमूह को संबोधित करेंगे। दुबई क्रिकेट एसोसिएशन के स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में लिए आयोजन समिति ने आॅनलाईन रजिस्टेशन शुरू कर दिये है। महज दो दिनों में इतनी अधिक तादाद में रजिस्टेशन के लिए लोगों ने अप्लाय किया पोर्टल पर हैवी टैªफिक के चलते सोमवार को कुछ देर के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस रोकना पडी। आयोजकों के मुताबिक आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की रिस्क्रिनिंग के लिए दोपहर 4 बजे तक रजिस्ट्रेशन रोके गए।

नमो की यात्रा को लेकर चर्चाएं भारतीयबहुल इलाकों से ज्यादा कार्पोरेट सेक्टर के गलियारों में चल रही है। दुबई के कार्पोरेट जगत में यूरोप, रशिया, फिलिपिंस और चीन के सहकर्मियों के साथ बडी तादाद में भारतीय काम करते हैं। यहां के व्यस्ततम बिजनेस सेक्टर जुमेरा लेक टाॅवर के एसेंबलि प्वाईट में नमो टाॅकिंग प्वाईंट थे। यहां एक ही कंपनी के तीन टीम लीडर आपस में बात कर रहे थे कि सोमवार 17 अगस्त के लिए उनकी टीम के भारतीय सदस्यों ने छुटृटी की अर्जी दे रखी है। ये लोग नमों को सुनने के लिए एक या आधे दिन की छुटटी मांग रहे है। यहां से जब अपने घर जाने के लिए टैक्सी ली, तो पाकिस्तानी टैक्सी ड्राईवर सहज ही पूछ बैठा, मैडम आपके तो प्राईम मिनिस्टर यहां आने वाले हैं। आप भी दिल्ली से हो क्या?

मोदी की यात्रा को लेकर यहां के लगभग सभी भारतीय संगठन सक्रिय हो चुके हैं, इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर कमेटी की अगुवाई में इंडियन एसोसिएशन फार सिख, केरला मुस्लिम कल्चर सेंटर, बोहरा मुस्लिम कम्युनिटी सभी तैयारियों में सहयोग दे रहे हैं। कुल मिलाकर कहना गलत ना होगा कि नमो के स्वागत को दुबई आतुर है।
Published on:
10 Aug 2015 04:13 pm