Jammu-Kashmir में शनिवार को रिक्टर पैमाने पर 4.8 तीव्रता के Earthquake के झटके महसूस किए गए Earthquake के झटके लगते ही लोग अपने-अपने घरों औ प्रतिष्ठानों से निकलकर बाहर की ओर भागे
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) में शनिवार को रिक्टर पैमाने पर 4.8 तीव्रता के भूकंप ( Earthquake in Jammu-Kashmir ) के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इसका असर केवल श्रीनगर ( Srinagar ) शहर और आसपास के इलाकों में ही रहा। भूकंप के झटके ( Tremors of earthquake ) लगते ही लोग अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों से निकलकर बाहर की ओर भागे। यहां तक कि मारे घबराहट के लोग घंटों तक बाहर ही खड़े रहे और भीतर आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। मौसम विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि भूकंप दोपहर 12.02 बजे आया और इसका केंद्र जम्मू-कश्मीर क्षेत्र ( Jammu and Kashmir Region ) में रहा। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह 34.86 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 74.06 डिग्री पूर्वी देशांतर पर आया।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई थी
आपको बता दें कि इससे पहले, शुक्रवार को रिक्टर पैमाने पर 5.4 तीव्रता वाला भूकंप जम्मू-कश्मीर में आाय था और इसका केंद्र लद्दाख-तिब्बत बॉर्डर था। 11 सितंबर को भी जम्मू एवं कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भी भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई थी। हालांकि भूकंप में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली थी। मौसम विभाग ने भूकंप का केंद्र भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र बताया था। मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी देते हुए बताया था कि भूकंप के झटके देर रात 1.53 बजे 33.03 डिग्री उत्तर में और 73.63 डिग्री पूर्व में महसूस किए गए थे। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर रिकॉर्ड की गई थी।
LOC के दोनों ओर 80,000 से अधिक लोग मारे गए थे
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर अत्यधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र बनता जा रहा है। कश्मीर ऐसा क्षेत्र है जहां पहले भी भूकंप ने तबाही मचाई थी। यह साल 2005 में 8 अक्टूबर की बात है, जब घाटी में आए भूकंप में एलओसी के दोनों ओर 80,000 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि उस बार भूकंप की तीव्रता काफी अधिक थी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.6 थी।
दिल्ली में अप्रैल से अब तक करीब 18 बार भूकंप के झटके
गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अप्रैल से अब तक करीब 18 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं। दिल्ली में भूकंप की यह स्थिति देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों को भूकंप से बचने के लिए एक अभियान की शुरुआत की थी। भूकंप जन-जागरुक अभियान के दौरान दिल्ली निवासियों को भूकंप आने की दशा में बचाव और ऐहतियात बरने के संबंध में जागरूक किया गया था।