135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे शुरू होने से गाजियाबाद और नोएडा और पलवल जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
नई दिल्ली: देश का सबसे तेज एक्सप्रेसवे और तय वक्त से पहले बनकर तैयार ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। 910 दिनों में बनने वाला पेरिफेरल एक्सप्रेसवे 500 दिन में बनकर तैयार हो गया। 135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे शुरू होने से गाजियाबाद और नोएडा और पलवल जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। एक्सप्रेसवे चालू होने से अब हरियाणा से यूपी या यूपी से हरियाणा जानेवाले वाहनों को दिल्ली से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे को सबसे तेज एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है। यहां वाहनों को 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी।
दिल्ली में प्रदूषण होगा कम
एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर भी कम होगा। पिछले कुछ समय से दिल्ली में प्रदूषण लेवल काफी बढ़ा हुआ है। देश की राजधानी में प्रदूषण बढ़ाने में वाहनों का भी बड़ा योगदान है। अन्य राज्यों से आने वाले वाहन से प्रदूषण बढ़ जाता है। एनएचआई के अधिकारी के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे की खासियत है कि जितनी दूरी का सफर तय किया जाएगा। उतना ही टोल चुकाना होगा। ट्रैफिक व्यवस्था में गड़बड़ी नहीं आए इसको लेकर इसपर टोल कलेक्शन की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था की गई है।
ओवरस्पीड पर कटेगा इलेक्ट्रॉनिक चालान
हाईस्पीड पर रोक लगाने के लिए इस एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर कैमरे लगाए गए हैं। तय स्पीड से ज्यादा चलने पर इलेक्ट्रॉनिक चालान भी काटेगा। चालान टोल के साथ ड्राइवर के घर पर भेजा जाएगा। साथ ही ओवरलोड वाहन के लिए पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। ओवरलोडेड ट्रक अपना सामान अनलोड कर आगे का सफर तय कर सकेगा। एनएचआई अधिकारी के मुताबिक यह देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है।' अधिकारी ने कहा कि वाहनों की गति को नियंत्रित रखने के लिए हर दो किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगाए गए हैं।