Highlights लॉकडाउन के चौथे चरण (Lockdown 4.0) में बंद हैं मस्जिदें और धार्मिक स्थल मुस्लिम धर्मगुरुओं ने की है घर में रहकर ईद (Eid-ul-Fitr) मनाने की अपील गले ना मिलने और हाथ ना मिलाने की खास हिदायत
पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) की बधाई देते हुए लोगों के स्वस्थ रहने की कामना की है। रविवार को देश के कई हिस्सों में चांद के दीदार होने के बाद आज सोमवार को देश भर में ईद मनाई जा रही है। कोरोना संकट के कारण लागू लॉकडाउन (Lockdown) के मद्देनजर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों को घरों में रहकर ईद की नमाज अदा करने की अपील की है।
पीएम मोदी ने मोदी ने ट्वीट में लिखा- 'ईद-उल-फितर की बधाई। इस विशेष अवसर पर करुणा, भाईचारे और सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाएं। सभी लोग स्वस्थ और समृद्ध रहें।'
राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने भी दी शुभकामनाएं
इससे पहले राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति ने भी देशवासियों को ईद की बधाई दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संदेश में लोगों से इस अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि- कोरोना वायरस की चुनौती से जल्द पार पाने और सुरक्षित रहने के लिए सभी एहतियात बरतें। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि- 'ईद-उल-फितर से जुड़े महान आदर्श हमारे जीवन में स्वास्थ्य, शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आएं।'
धर्म गुरुओं ने की गले ना लगने की अपील
बता दें, कोरोना की रोकथाम के लिए देश में लॉकडाउन का चौथा चरण है। अन्य धार्मिक स्थलों के साथ-साथ मस्जिदें भी बंद हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों को घरों में रहकर ही नमाज अदा करने और ईद मनाने की अपील की है। धर्मगुरुओं ने खास तौर पर लोगों को गले ना लगने की अपील करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है।
शाही इमाम ने जरूरतमंदों की मदद करने को कहा
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि- देश में चांद दिख गया है और सोमवार (25 मई) को ईद मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि- 'हमने लोगों को एक-दूसरे को गले लगाने और हाथ मिलाने से बचने के लिए कहा हुआ है।' जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी लोगों से सादा ढंग से ईद मनाने को कहा। साथ ही उन्होंने इस मौके पर गरीबों और अपने पड़ोसियों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि- 'कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण पारंपरिक तरीके से नमाज अदा नहीं की जा सकती। सावधानी बरतने और एहतियात रखने से ही कोरोना वायरस का हराया जा सकता है।'