सरकार बातचीत कर काले कानून को वापस ले। कृषि कानून की वापसी तक हम सिंधु बॉर्डर पर डटे रहेंगे।
नई दिल्ली। पिछले 23 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन का असर अब तमिलनाडु में भी दिखाई देने लगा है। आज किसान आंदोलन के समर्थन में डीएमके नेता व कार्यकर्ता चेन्नई में एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। डीएमके नेताओं का कहना है कि किसानों की मांग जायज है। केंद्र सरकार किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार करे। जल्द से जल्द कृषि कानूनों को वापस ले।
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी में हम यकीन नहीं रखते
दूसरी तरफ कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है उसमें हम यकीन नहीं रखते। अगर सरकार बातचीत करके काले कानून वापस लेती है तो ठीक है, नहीं तो हम ये मोर्चा नहीं छोड़ेंगे। किसानों के इस रुख को देखते हुए सिंधु बॉर्डर पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं।