केंद्र सरकार एमएसपी पर सैद्धांतिक प्रतिबद्धता जताने को तैयार नहीं। चार जनवरी को बात नहीं बनी तो 6 जनवरी को निकालेंगे मार्च।
नई दिल्ली। दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच किसान संघों के नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर सोमवार की बातचीत सफल नहीं रही तो हम भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ पार्टी छोड़ो अभियान चलाएंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं ने कहा है कि उनका सबसे बड़ा मुद्दा कृषि कानून और एमएसपी पर कानून की है। केंद्र सरकार तीसरी और चौथी मांग मानकर बर्फ पिघलने का बड़ा दावा कर रही है लेकिन सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने MSP पर सैद्धांतिक प्रतिबद्धता जताने से भी इनकार किया है।
6 जनवरी को मार्च निकालन की तैयारी
किसान संघों के नेताओं ने कहा है कि अगर 4 जनवरी की बातचीत में परिणाम संतोषजनक ना निकला तो 6 जनवरी को ट्रैक्अर मार्च होगा। वही मार्च जो 30 दिसंबर को रद्द हुआ था। राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर से किसान अगले हफ़्ते आगे बढ़ेंगे। 6 जनवरी से 20 जनवरी के बीच पूरे देश में किसान जन जागृति अभियान चलाएंगे। 23 जनवरी को नेता सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान विशेष चेतना दिवस का आयोजन होगा। इसके साथ ही BJP नेताओं के खिलाफ देशभर में पार्टी छोड़ो अभियान चलाएंगे।