कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच में गतिरोध जारी 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टरों की परेड करेंगे किसान
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों ( New Farm Laws ) को लेकर केंद्र और किसानों के बीच का गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि समस्या के समाधान को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। अब 19 जनवरी को दोनों पक्ष एक बार फिर वार्ता की टेबल बैठेंगे। इस बीच किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च ( tractor parade in Delhi ) निकालने का ऐलान किया है। किसान नेताओं के अनुसार गणतंत्र दिवस ( The Republic Day ) के मौके पर किसान रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च ( Tractor march ) निकालेंगे, हालांकि यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा।
ट्रैक्टर मार्च में एक लाख से ज्यादा किसान शामिल होंगे
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में यह ट्रैक्टर मार्च कुल 50 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के लुधियाना से भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर मार्च के लिए दिल्ली को रवाना हो रहे हैं। किसान नेताओं ने दावा किया है कि ट्रैक्टर मार्च में एक लाख से ज्यादा किसान शामिल होंगे। आपको बता दें कि इससे पहले, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर किसान कानूनों को वापस नहीं लेती तो इस बार गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टरों की परेड होगी। टिकैत ने कहा था कि अभी किसानों के प्रदर्शन को केवल 51 दिन हुए हैं। लेकिन सरकार अगर किसानों की मांगों को नहीं मानती तो यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।
गणतंत्र दिवस की परेड ऐतिहासिक होगी
राकेश टिकैत ने कहा था कि राजधानी दिल्ली में इस बार की गणतंत्र दिवस की परेड ऐतिहासिक होगी। परेड के दौरान किसान और जवान दोनों का अदभुत संगम देखने को मिलेगा। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खुली बातचीत करने को तैयार है। इसके साथ ही सरकार ने जरूरत के हिसाब से कानूनों में संशोधन पर भी हामी भर दी है। बावजूद इसके किसान संगठन कानूनों की वापसी मांग पर अड़े हुए हैं।