डीएसजीएमसी प्रमुख ने लगाया सिख धर्म की भावनाएं आहत करने का आरोप। मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की कुछ तस्वीरें। इससे पहले भी अमेजॉन पर लगते रहे हैं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप।
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिख धर्म के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए अमेजॉन इंडिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सिरसा ने अमेजॉन कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने एक विक्रेता को अपने प्लेटफॉर्म पर स्वर्ण मंदिर की छवि वाले टॉयलेट मैट्स को बेचने की अनुमति दी है। कंपनी पर इससे पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं।
सिरसा ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की। इसमें बाथरुम के अंदर टॉयलेट मैट्स दिखाए गए हैं और इन पर स्वर्ण मंदिर की छवि बनी हुई है। उन्होंने इसके साथ लिखा, "अमेजॉन सिख भावनाओं के प्रति लापरवाही दिखा रहा है।"
उन्होंने ई-कॉर्मस कंपनी से कहा कि वह इस सेलर (विक्रेता) को बैन करे और उससे वैश्विक तौर पर माफीनामा जारी करने को कहे।
ऐसा पहली बार नहीं है जब अमेजॉन इस प्रकार के विवादों को लेकर फंसी है। वर्ष 2018 में भी इस प्रकार से ही कंपनी के माध्यम से डोरमैट्स, रग्स और टॉयलेट का सामान बेचा जा रहा था, जिसमें स्वर्ण मंदिर की तस्वीरें बनी हुई थी।
उस वक्त भी कई सिख संगठनों ने इस बाबत अपना विरोध दर्ज कराया था और कंपनी से इन उत्पादकों को तुरंत हटाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि इस प्रकार की वस्तुएं दुनियाभर के सिख समुदाय की भावनाओं को आहत कर रही हैं।