Highlights. - नेपाल के साथ सीमा विवाद के बीच औपचारिक कूटनीतिक स्तर का यह पहला दौरा है - नेपाल के तरफ से सीमा विवाद और ईपीजी रिपोर्ट पर चर्चा करने का प्रयास किया जाएगा - औपचारिक एजेंडा में दोनों देशों के बीच रहे कनेक्टिविटी को बढ़ाने, भारतीय सहयोग से चल रहे परियोजना की समीक्षा और नए सहयोग को लेकर चर्चा होने की जानकारी दी गई है

नई दिल्ली।
भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला अपने दो दिवसीय नेपाल दौरे पर अब से थोड़ी देर में काठमांडू पहुंच रहे हैं। नेपाल के साथ सीमा विवाद के बीच औपचारिक कूटनीतिक स्तर का यह पहला दौरा है।
दो दिनों के नेपाल दौरे पर पहुंच रहे भारतीय विदेश सचिव यहां अपने समकक्षी से द्विपक्षीय वार्ता करने वाले हैं। नेपाल के तरफ से सीमा विवाद और ईपीजी रिपोर्ट पर चर्चा करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि औपचारिक एजेंडा में दोनों देशों के बीच रहे कनेक्टिविटी को बढ़ाने, भारतीय सहयोग से चल रहे परियोजना की समीक्षा और नए सहयोग को लेकर चर्चा होने की जानकारी दी गई है।
नेपाल सरकार पर सीमा विवाद खास कर नए नक्शे को लेकर अपनी जमीन वापसी, कालापानी से भारतीय सेना की विदाई और ईपीजी रिपोर्ट के आधार पर नेपाल के साथ नए संधि पर बातचीत करने का चौतरफा दबाव है।
उधर भारत के तरफ से भी सुरक्षा और रणनीतिक महत्व के विषय को उठाने की तैयारी है। नेपाल में चीन की बढ रही दखलंदाजी और भारत विरोधी राष्ट्रवाद के पनपने को लेकर भारतीय विदेश सचिव अपनी चिन्ता से नेपाल को अवगत कराने वाले हैं।
द्विपक्षीय वार्ता के अलावा भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला नेपाल की राष्ट्रपति विद्या भंडारी, प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली से शिष्टाचार मुलाकात करने वाले हैं। साथ ही सत्तारूढ़ दल के कार्यकारी अध्यक्ष प्रचण्ड, प्रमुख प्रतिपक्षी दल के नेता शेर बहादुर देउवा सहित अन्य नेताओं से भी मुलाकात करने वाले हैं।
शुक्रवार को भारतीय विदेश सचिव नेपाली जनता के समक्ष भारत के पक्ष को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के जरिए रखने वाले हैं। भारतीय दूतावास एवं एक कूटनीतिक संस्था के आयोजन में होने वाले इस कार्यक्रम में नेपाल और भारत के बीच रहे सभी आयामों पर श्रृगला अपना पक्ष रखेंगे।