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6 महीने बाद पूर्व जस्टिस कर्णन हुए रिहा, जजों पर लगाया था पैसे लेने का आरोप

दरअसल जस्टिस कर्णन ने मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
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नई दिल्ली: कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कर्णन जेल से रिहा हो गए। कर्णन को 6 महीने बाद जेल से रिहा किया गया है। कोर्ट की अवमानना के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने सजा सुनाई थी। दरसअल सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई को कर्णन को न्यायिक प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था की अवमानना के आरोप में दोषी मानते हुए छह महीने की सजा की घोषणा की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जस्टिस कर्णन को जेल भेजा गया था।

खेहर ने सुनाया था फैसला

दरअसल जस्टिस कर्णन ने मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। कर्णन ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर अवगत कराया था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की बेंच ने कर्णन के पत्र पर संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस शुरू किया था। सुप्रीम कोर्ट ने की ओर से सजा के ऐलान के बाद कर्णन फरार चल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के तात्कालिक जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मई में जस्टिस कर्णन को गिरफ्तार करने के लिए डीजीपी को एक कमेटी बनाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद सीएस कर्णन को 20 जून को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया था। कर्णन 12 जून 2017 को रिटार्यड हुए थे। रिटार्यड के बाद उन्हें दोषी करार दिया गया।

सात जजों पर लगाया था आरोप

31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कर्णन की पेशी हुई थी। दोषी होने के बाद जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को असंवैधानिक करार दिया था। उन्होंने कहा था कि 8 फरवरी से ये सात जज मुझे कोई भी न्यायिक और प्रशासनिक कार्य नहीं करने दे रहे हैं। इन लोगों ने मुझे मानसिक तौर पर परेशान कर दिया है। कर्णन ने सात जजों के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कर 14 करोड़ रुपए मुआवजे लेने की भी बात कही थी।

Updated on:
20 Dec 2017 05:46 pm
Published on:
20 Dec 2017 05:42 pm