विविध भारत

Ghazipur Border पर क्यों घट रही किसानों की संख्या? किसान नेताओं ने बताया कारण

गाजीपुर बॉर्डर बेहद कम हुई आंदोलनकारी किसानों की संख्या किसानों की संख्या में महीने भर में काफी गिरावट देखी जा रही है

3 min read
Ghazipur Border पर क्यों घट रही किसानों की संख्या? किसान नेताओं ने बताया कारण

नई दिल्ली। कृषि कानून ( New Farm Laws ) के खिलाफ तीन महीने से अधिक किसानों को प्रदर्शन ( Farmer Protest ) करते हुए हो चुके हैं, ऐसे में बीते 27 जनवरी के दिन गाजीपुर बॉर्डर ( Ghazipur Border ) पर किसानों की संख्या जितनी थी, उससे भी कम मौजूदा वक्त में नजर आ रही है, यानी किसानों की संख्या में बीते महीने भर में काफी गिरावट देखी जा रही है। दरअसल बॉर्डर पर किसानों की संख्या में लगातार उतार चढ़ाव देखा जा रहा है, यदि गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) के दिन हुई हिंसा के अगले दिन की तस्वीर देखी जाए तो उस वक्त भी किसान लगातार अपने गंतव्य स्थान की ओर रवाना हो रहे थे।

रविवार को सहारनपुर में रैली

वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की बात करें तो पिछले महीने की इसी तारीख के मुकाबले किसान बेहद कम हैं। हालांकि बॉर्डर पर बैठे किसानों के मुताबिक, किसान आते जाते हैं और गांव में खेती होने के कारण भी लोग आ जा रहे हैं। हमने बॉर्डर पर कम होती संख्या पर जब भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेद्र मलिक से बात की तो उन्होंने बताया कि रविवार को सहारनपुर में रैली आयोजित की जा रही है, इसी वजह से अधितर किसान उधर चले गए हैं। राकेश टिकैत भी इस रैली में शामिल होंगे।

गर्मी की वजह से लोग अंदर बौठे होते हैं

उनके मुताबिक 2 पंचायत हो जाएं उसके बाद फिर से गाजीपुर बॉर्डर पर भीड़ दिखना शुरू हो जाएगी। फिलहाल बॉर्डर पर 20 से 25 ट्रैक्टर किसान पहुंचने वाले हैं। गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने आईएएनएस से कहा कि कौन कह रहा है भीड़ कम हो गई है ? आप मंच पर जाकर देखें। फिलहाल मंच शुरू नहीं हुआ है, उसके बाद भी किसान बैठे हुए हैं। गर्मी की वजह से लोग अंदर बौठे होते हैं, कोई कम नहीं हो गया है। आज बागपत में महापंचायत होने के कारण उधर के लोग बॉर्डर से चले गये हैं। 2 दिन बार रुद्रपुर में महापंचायत है उधर भी किसान रवाना हो रहे हैं। रविवार को अन्य किसान भी महापंचायत के लिए रवाना हो जाएंगे।

बॉर्डर पर किसानों की संख्या कम

किसान नेता कुछ भी कहें लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर खाली टैंट इस बात की तस्दीक करते हैं कि फिलहाल बॉर्डर पर किसानों की संख्या कम है। हालांकि शनिवार और रविवार को बॉर्डर पर भीड़ बढ़ जाती थी, लेकिन इस बार तो वह भीड़ भी नहीं दिखाई दे रही। दूसरी ओर विभिन्न जगहों पर हो रही महापंचायतों में राकेश टिकैत नजर आने लगे हैं, ऐसे में बॉर्डर पर राकेश टिकैत की भी गतिविधि कम हो गई है, हालांकि जिस दिन राकेश टिकैत बॉर्डर पर होते हैं उस दिन किसान उनके ईद गिर्द नजर आते हैं और संख्या में भी इजाफा होता है, लेकिन उनकी गैर मौजूदगी में किसान न तो उतसाहित नजर आते हैं और न ही उनकी संख्या ज्यादा होती है।

किसान का काम 4 परिवार के लोग देखेंगे

गाजीपुर बॉर्डर पर बीते 19 फरवरी को किसान संगठनों द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी। जिसमें मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद मंडल के 11 जि़लों के जिला अध्यक्षों ने हिस्सा लिया था। इस बैठक में निर्णय हुआ था कि आंदोलन को कमजोर नही होने दिया जाएगा और आसपास के 10 जिलों से 2000 लोग हमेशा मौजूद रहेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी कहते आए हैं कि खेती से ज्यादा आंदोलन पर ध्यान दिया जाय। गांव में किसी भी किसान का काम न पीछे रहे और आंदोलन भी इसी तरह चलता रहे। इसके लिए भी कमेटी बनाई है जो बॉर्डर आएगा उस किसान का काम 4 परिवार के लोग देखेंगे।

26 नवंबर से राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन

बढ़ती गर्मी होने के कारण भी किसान अक्सर मंच के आस पास दिखाई नहीं दे रहे थे, इसी समस्या को दूर करने के लिए आंदोलन स्थल के मंच के सामने एक शेड बनाया गया है, ताकि किसान गर्मी की तपिश से बचें और हमेशा मंच के सामने भीड़ भी दिखाई देती रहे। दरअसल तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

Updated on:
27 Feb 2021 03:49 pm
Published on:
27 Feb 2021 03:42 pm
Also Read
View All
Couple died in road accident: बुलडोजर की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी की मौत, गर्भवती थी नवविवाहिता, आक्रोशित लोगों ने किया चक्काजाम

Action in Jhumka cruise: झुमका क्रूज में शराबखोरी पर बड़ा एक्शन, बंद कराया संचालन, टेंडर निरस्त करने का अल्टीमेटम

Sushasan Tihar: Video: सरगुजा के बतौली में उतरा सीएम का हेलीकॉप्टर, जन चौपाल में सुनीं लोगों की समस्याएं, कही ये बातें…

Surguja weather: दोपहर बाद सरगुजा में बदला मौसम का मिजाज, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, गिरे पेड़

Jabalpur cruise accident: झुमका जलाशय में भी हो सकता है जबलपुर जैसा हादसा! क्रूज से कराते हैं सैर, लेकिन पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं, डस्टबीन में मिलीं शराब की बोतलें