लड़कियों को हॉस्टल खाली करने का दिया गया था आदेश
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के एक कॉलेज में लड़कियां लड़कों के हॉस्टल में घुस गईं और वहीं रहने का प्रयास किया। प्रशासन ने इन सभी 14 लड़किेयों को बर्खास्त करने का आदेश दे दिया। इसी कॉलेज के 10 लड़कों पर भी लड़कियों के हॉस्टल में जबरदस्ती घुसकर रहने की कोशिश करने पर केस दर्ज करा दिया गया है।
दरअसल कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ने 2009 में ही लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाने का आदेश दे दिया था। केंद्र ने इस मद में पैसा भी भेज दिया जिसके बाद 2015 में लड़कियों के लिए अलग हास्टल बना दिया गया।
अब प्रशासन ने कुछ लड़कि यों को अपना रूम छोड़कर महिला छात्रावास में जाने का निर्देश दे दिया, लेकिन लड़कियों ने प्रशासन का ये आदेश मानने से इनकार कर दिया। वे जबदस्ती लड़कों के हॉस्टल में रहना चाहतीं थीं। मजबूरन प्रशासन को उन्हें निलंबित कर देना पड़ा। वहीं दस लड़कों ने भी इसी तरह की हरकत करते हुए महिलाओं के हॉस्टल में रहने का प्रयास किया तो प्रशासन को उनके ऊपर भी केस दर्ज कराना पड़ा।
कालेज प्रशासन के मुताबिक लड़कों और लड़कि यों दोनों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया था। लेकिन अब छात्र इस तरह की हरकत कर रहे हैं जिनकी वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। प्रशासन के मुताबिक किसी भी तरह की कार्रवाई करने के पहले छात्रों के माता-पिता को लिखित जानकारी दी गई है, लेकिन किसी भी माता-पिता ने कोई प्रतिक्रिया उन तक नहीं पहुंचाई जिसके बाद कार्रवाई करने के अलावा उनके पास और कोई विकल्प नहीं बचा था।
इसके पूर्व अन्य केंद्र फंडेड संस्थानों में छात्रोंं-छात्राओं के अलग-अलग रहने की व्यवस्था कर दी गई है।
छात्रों ने क्या कहा
सस्पेंड हुए एक छात्र ने कहा कि हास्टल उनका निजी अधिकार के दायरे में आता है। प्रशासन को इसमें कोई ताका-झांकी करने का अधिकार नहीं है। एक महिला छात्रा ने कहा कि वे सुविधाओं के लिए प्रदर्शन करेंगी।