
नई दिल्ली.
देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। आंतरिक सुरक्षा और कानूनी नियंत्रण के बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय को 1,66,547 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। गृह मंत्रालय को दिए गए बजट में पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के वेलफेयर पर ध्यान रखा गया है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी यह बजट जरूरी था। एक तरफ जहां जम्मू कश्मीर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल लगातार घाटी मे आतंकियों से भिड़ रहे हैं तो वहीं बीते दिनों देश की आंतरिक स्थिति में भी कानून उथल-पुथल देखी गई है।
गृह मंत्रालय ऐसे करेगा खर्च
बजट में गृह मंत्रालय को करीब 1,66,547 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इनमें से ज्यादातर राशि पुलिस बलों के लिए है। गृह मंत्रालय को सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआइएसएफ जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए 1,03,802.52 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा एक खासी रकम जनगणना संबंधी कार्यों के लिए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में पेश बजट के अनुसार जम्मू कश्मीर को 30,757 करोड़ रुपए और लद्दाख को 5,958 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। अगली जनगणना से संबंधित कार्यों के लिए 3,768.28 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
परियोजनाओं में खर्च होगा बजट
केंद्रीय योजनाओं और गृह मंत्रालय की परियोजनाओं के लिए 1,641.12 करोड़ रुपये तथा आपदा प्रबंधन के लिए 481.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह को 5,317.41 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 4,661.12 करोड़ रुपये, दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव को 2,204.59 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,440.56 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 1,729.79 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
सीबीआई को पिछले साल से थोड़ा कम
सीबीआइ को अगले वित्त वर्ष के बजट में 835.39 करोड़ रुपए मिले हैं। बीते साल भी सीबीआइ को 835.75 करोड़ रुपए दिए गए थे। सीबीआइ ने पिछले साल 67,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए थे।