केंद्र सरकार अब राजधानी दिल्ली में बारिश कराने की योजना बना रही है। यह बात आपको सुनने में शायद अटपटी लग रही होगी, लेकिन यह पूरी तरह सच है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार अब राजधानी दिल्ली में बारिश कराने की योजना बना रही है। यह बात आपको सुनने में शायद अटपटी लग रही होगी, लेकिन यह पूरी तरह सच है। सरकार के प्रयास से होने वाली यह बारिश पूरी तरह से आर्टिफिशियल होगी। दरअसल, पानी के बरसने से हवा में मौजूद गंदगी साफ हो जाती है। कुछ इसी फॉर्मूले पर चलते हुए आर्टिफिशियल बारिश के माध्यम से दिल्ली के स्मॉग को हटाने की योजना बनाई जा रही है। सरकार ने इस योजना में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी), भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) को शामिल किया है। इन चारों बड़े संस्थानों के प्रयास से दिल्ली के ऊपर बादलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे बारिश कराने में सहायता मिल सके और दिल्ली में छाए स्मॉग को साफ किया जा सके।
दरअसल, इस योजना को जल्द ही शुरू किया जा सकता है। इसके लिए एयरक्राफ्ट से कुछ खास तत्वों को बरसाया जाएगा। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किसी शहर में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए आर्टिफिशियल रेन का सहारा लिया जा रहा हो। आपको बता दें कि दिवाली के बाद से दिल्ली हवा का स्तर काफी खराब हो गया था। राजधानी में स्मॉग की चादर छाई हुई है। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर सचींद्र नाथ त्रिपाठी के अनुसार आर्टिफिशियल बारिश कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस बादलों के निर्माण के लिए उपयुक्त परिस्थितियों का इंतजार किया जा रहा है। आपको बता दें कि पड़ोसी देश चीन इस तकनीक का सालों से इस्तेमाल करता आ रहा है। जबकि अमरीका, साउथ अफ्रीका, जर्मनी और इजरायल जैसे देश भी इस तकनीक को कई बार इस्तेमाल कर चुके हैं। भारत में इससे पहले महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में सूखे से निपटने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।