-Govt Jobs 2020: 23 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार को समाप्त ( No Interview for Government Jobs ) कर दिया है।-केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ( Union Minister Jitendra Singh ) ने शनिवार को इस बात का ऐलान किया। -2016 के बाद से केंद्र सरकार में ग्रुप-बी (गैर-राजपत्रित) और ग्रुप-सी के पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त कर दिया गया है।
नई दिल्ली।
Govt Jobs 2020: केंद्र सरकार ने 23 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी नौकरियों में ग्रुप-बी (अराजपत्रित) और ग्रुप-सी के पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त ( No Interview for Government Jobs ) कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ( Union Minister Jitendra Singh ) ने शनिवार को इस बात का ऐलान किया।
उन्होंने कार्मिक मंत्रालय ( Ministry of Personnel ) के एक बयान के अनुसार कहा कि 2016 के बाद से केंद्र सरकार में ग्रुप-बी (गैर-राजपत्रित) और ग्रुप-सी के पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त कर दिया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने 2015 में साक्षात्कार को निरस्त करने और नौकरी के चयन को पूरी तरह से लिखित परीक्षा के आधार पर करने का सुझाव दिया था। इस फैसले के बाद युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी होगी।
साक्षात्कार को किया खत्म
सिंह ने बताया कि पीएम मोदी की सलाह पर कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने एक व्यापक कवायद की और तीन महीने के भीतर एक जनवरी, 2016 से केंद्र सरकार में भर्ती के लिए साक्षात्कार को समाप्त करने की घोषणा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली।
23 राज्यो में नौकरी के लिए नहीं होगा इंटरव्यू
केंद्र के राज्य सरकारों को काफी समझाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत आठ केंद्र शासित प्रदेशों और 28 राज्यों में से 23 में साक्षात्कार कराना बंद किया गया है। हालांकि, कुछ राज्य नौकरियों के लिए साक्षात्कार कराना चाहते थे। वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे कुछ राज्य इस नियम को लागू करने के लिए तत्पर थे। ऐसे में अब बिना इंटरव्यू के लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
शिकायतें होगी कम
DoPT में अधिकारियों ने कहा कि इस फैसले के बाद उम्मीदवारों की मदद के लिए साक्षात्कारों में अंकों के बारे में शिकायतें, शिकायतें और आरोप समाप्त हो जाएंगे। इससे पहले, संदिग्ध विचार-विमर्श के लिए कुछ उम्मीदवारों की मदद करने के लिए अक्सर उम्मीदवार के साक्षात्कार के अंकों को कम करके लिखित परीक्षा मेरिट से छेड़छाड़ किए जाने की शिकायतें थीं। साक्षात्कार के अंकों में हेरफेर करके नौकरी सुरक्षित करने के लिए पैसे या भारी मात्रा में नौकरी देने का भी आरोप लगाया गया था।