सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की अंग्रेजी भाषा की कुशलता सुधारने के लिए दिल्ली सरकार और ब्रिटिश काउंसिल ने एक समझौता किया है।
आमतौर पर यह माना जाता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अच्छी अंग्रेजी नहीं बोल पाते। उनके पास ज्ञान होता है, मगर उसे अंग्रेजी में अभिव्यक्त करने की काबिलियत नहीं होती। ऐसे ही स्कूली छात्र-छात्राओं को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में कुशल बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने ब्रिटिश काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ एक अहम साझेदारी की। इसके तहत केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि उनके शिक्षक भी अंग्रेजी सीखेंगे।
नए समझौते के तहत अब ब्रिटिश काउंसिल के प्रशिक्षक दिल्ली के सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सिखाएंगे। इस करार के एमओयू पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया और ब्रिटिश काउंसिल के निदेशक-ओबीई एलन गेमेल ने हस्ताक्षर किए।
यह समझौता पूर्वी दिल्ली के पश्चिमी विनोद नगर स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या बाल विद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। ब्रिटिश काउंसिल (ग्लोबल) के चेयरमैन क्रिस्टोफर रोड्रिग्स भी इस अवसर पर मौजूद थे।
अपने संबोधन में मनीष सिसौदिया ने बच्चों को देश का भविष्य बताया और कहा कि ब्रिटिश काउंसिल के साथ साझेदारी का उद्देश्य युवाओं को कुशल बनाना है। एलन गेमेल ने कहा कि मैकमिलन एजुकेशन और दिल्ली सरकार 12,000 युवाओं को अंग्रेजी भाषा के वे टूल्स यानी उपकरण प्रदान करेगी, जिससे वे अपनी भाषाई क्षमता बढ़ाने में सफल रहेंगे।