सुप्रीम कोर्ट में हादिया के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उसकी जिंदगी है उसे फैसला लेने का हक है।
नई दिल्ली: धर्म परिवर्तन कर हिन्दू से मुस्लिम बनीं हादिया केस की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई। इस दौरान हादिया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कभी कभी बालिग भी सही फैसले नहीं ले पाते हैं। NIA ने कहा कि हादिया को समोहन किया गया है। वहीं हादिया की ओर केस लड़ रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हादिया का केस बालिगों का मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो हर शादियों पर सवाल खड़े होंगे। सुप्रीम कोर्ट में हादिया के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हादिया की जिंदगी है उसे फैसला लेने का हक है। वकील ने कहा कि शफीन के साथ रहना चाहती है तो उसकी मर्जी है।
लव जेहाद को लेकर किया गया था विरोध
बता दें कि पिछले महीने 30 अक्टूबर को हादिया की गैर—हाजिरी के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए 27 नवंबर का दिन मुकर्रर किया था। दरअसल केरल की एक कोर्ट ने धर्म परिवर्तन के बाद मुस्लिम युवक से की गई हादिया की शादी को रद्द कर दिया था। वहीं कई लोगों ने इसे लव जेहाद से जुड़ा मामला बताकर इसका विरोध भी किया था।
मैं मुस्लिम मुहिला हूं
वहीं हादिया ने अपने आप को एक मुस्लिम महिला बताया है। उन्होंने कहा कि मैं एक मुस्लिम महिला हूं और मैंने इस्लाम अपने मर्जी से स्वीकार किया है। हादिया ने अपने पति शफीन के साथ रहने की इच्छा भी जाहिर की। ये बाते हादिया ने सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए कोच्चि से नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले कही। हादिया ने आगे कहा कि इस्लाम अपनाते समय उन पर किसी का कोई दबाव नहीं था। इसलिए वह अदालत से न्याय की मांग करती हैं। धर्म परिवर्तन करने से पहले हादिया एक हिन्दू महिला थी और उनका नाम अखिला था।
मुस्लिम सहेलियों के साथ रह रही थी
वहीं दूसरी कुछ हिन्दूवादी संगठन इसे लव जिहाद से जुड़ा मामला बता रहे हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम लड़के हिन्दू युवतियों को अपने प्रेमजाल में फांस कर उनको इस्लाम कबूल करवा रहे हैं। बता दें कि पिछले साल जनवरी में 23 साल की हिन्दू युवति अखिला ने इस्लाम धर्म अपनाया था। उस समय अखिला अपनी दो मुस्लिम सहेलियों के साथ एक मकान में रहती थी। अखिला उस समय तमिलनाडु में रहकर पढ़ाई कर रही थी, जबकि उनके अभिभावक पड़ोसी राज्य केरल में थे। आपको बता दें कि 21 नवंबर को हदिया के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में गोपनीय सुनवाई की मांग करने वाली याचिका याचिका दायर की थी।