
नई दिल्ली। भारत समेत पूरे विश्व को कोरोना ( Coronavirus ) ने अपनी चपेट में ले रखा है। कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) और फिर लॉकडाउन ( Lockdown ) का असर केवल आर्थिक गतिविधियों ( Economic Activities ) पर ही नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजनों ( Religious Events ) पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि इस बार हजारों मुस्लिम जायरीनों का हज यात्रा ( Haj Yatra ) का सपना टूट गया है। वहीं, हज कमेटी ने 2020 ( Haj Committee 2020 ) हज के लिए पूरा रिफंड करने का ऐलान किया है।
सऊदी अरब सरकार की ओर से आगामी हज याात्रा को लेकर कोई सफाई नहीं दिए जाने और इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे कई देशों द्वारा स्वेच्छा से अपनी योजनाओं को रद्द कर देने से इस वर्ष स्थिति संभावित हाजियों के लिए धूमिल दिखाई देती है। ऐसे में हज कमेटी ऑफ इंडिया (Haj committee of India) ने एक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में कहा गया है कि हज यात्रियों की जमा रकम वापस की जाएगी। इसके साथ ही सर्कुलर में कहा गया है कि जो भी यात्री अपना पैसा वापस लेना चाहे, ले सकता है।
इस संबंध में हज कमेटी ऑफ इंडिया (Haj committee of India) की वेबसाइट पर एक आवेदन फॉर्म अपलोड किया गया है। अगर कोई यात्री अपना पैसा वापस लेना चाहे तो वेबसाइट से इस फॉर्म को भर सकता है, जिसके बाद पैसा सीधे उसके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि
जायरीनों को पूरा रिफंड देने के सऊदी हज कमेटी के फैसले और सऊदी अरब से आगे कोई निर्देश नहीं आने के कारण, उन्हें लगता है कि हज 2020 मुसलमानों के लिए महज एक इच्छा भर बनकर रह सकता है, लेकिन किसी को भी इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
इस साल, भारत से अनुमानित 200,000 मुस्लिम हज करने की योजना बना रहे थे, जिसमें हज समितियों के माध्यम से 125,000 से अधिक और बाकी लगभग 47,000 निजी हज टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा करने की योजना बना रहे थे।