देश में जल्द शुरू होगा कोरोना वायरस के लिए वैक्सीनेशन का काम पहले चरण में तीन करोड़ कोरोना योद्धाओं को लगाई जाएगी वैक्सीन
नई दिल्ली। भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ( CDSCO ) की 10 सदस्यीय विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोना वायरस वैक्सीन 'कोविशिल्ड' ( Covishield ) के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण को मंजूरी दे दी। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ( Union Health Minister Dr Harsh Vardhan ) ने कहा कि पहले चरण में कोरोना की वैक्सीन देशभर में फ्री लगाई जाएगी। शनिवार को एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में पहले चरण के अंतर्गत कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि अभी केवल तीन करोड़ कोरोना योद्धाओं को ही फ्री कोरोना वैक्सीन दी जाएगी।
आपको बता दें कि कोरोना वायरस के लिए टीकाकरण से पहले पूरे देश में वैक्सीन का ड्राई रन चलाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की फ्री वैक्सीन लगाने के लिए पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को शामिल किया जाएगा। जिनमें एक करोड़ हेल्थ वर्कर्स और दो करोड़ फ्रंटलाइन कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन लगाई जानी हैं, उस लिस्ट में 27 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है।
डॉ. हर्षवर्धन के अनुसार कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन से बिल्कुल अलग नहीं होगी, बस केवल अंतर यह होगा कि ड्राइव में लोगों को ओरिजनल वैक्सीन नहीं दी जा रही है, जबकि टीकाकरण के दौरान कोरोना की असली दवाई लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद कुछ साइड इफेक्ट दिखाई देते हैं, जिन पर कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि लोग टीके के बारे में किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। वर्धन ने यहां एक सरकारी अस्पताल में ड्राई रन की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे किसी भी अफवाहों पर विश्वास न करें। टीका परीक्षण में हमारा मुख्य मापदंड सुरक्षा और प्रभावकारिता है, इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दिल्ली में, मॉक-ड्राइव का संचालन तीन स्थानों पर किया जा रहा है - शाहदरा में सरकार द्वारा संचालित गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दरियागंज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, और द्वारका में निजी वेंकटेश्वर अस्पताल।