Highlights दिल्ली में बनाया जाएगा Helpline Number का मुख्य केंद्र Tollfree नहीं होगा नंबर, कॉल करने पर देना होगा शुल्क प्रवासी मजदूर कॉल करके बता सकेंगे अपनी समस्या या शिकायत
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है। इसके तीसरे चरण में ही प्रवासी मजदूरो के सामने रहने और खाने की समस्याएं आनी शुरू हो गई थीं। वे पैदल ही घरों की ओर चलने लगे, जिसे देखते हुए सरकार को स्पेशल श्रमिक ट्रेनें चलानी पड़ीं। अब सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों (Migrant Labourers) के लिए अखिल भारतीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर (Helpline no.) शुरू करने की योजना है। जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा। प्रवासी मजदूर इन नंबर पर अपनी समस्याओं, शिकायतों की जानकारी दे सकेंगे। यह हेल्पलाइन नंबर मुख्य श्रमायुक्त के अंतर्गत शुरू किया जाएगा।
कॉल के लिए करना होगा भुगतान
मजदूरों की सहायता के लिए जारी किया जाने वाला यह नंबर टोल फ्री नहीं होगा। इसके लिए कॉल के मुताबिक भुगतान करना होगा। दूरसंचार विभाग (Telecom Department) की ओर से मंगलवार को जारी शॉर्ट कोड आवंटन नोट में कहा गया है कि- 'मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) के तहत शॉर्ट कोड 14445 आवंटित किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (National Helpline Number) स्थापित किया जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह टोल-फ्री नंबर नहीं होगा। 14445 पर कॉल करने पर शुल्क लगेगा। टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने आपात हेल्पलाइन (Helpline) के लिए दो नंबर 1930 और 1944 भी आवंटित किए हैं।
दिल्ली में होगा नंबर का केंद्र
इस नंबर का मुख्य केंद्र दिल्ली में बनाया जाएगा। जहां से स्थानीय स्तर पर शिकायतें भेजी जाएंगी। दूरसंचार विभाग की ओर से जाीर शॉर्ट कोड के जरिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर स्थापित किया जाएगा। इस नंबर पर की जाने वाली काल दिल्ली में सुनी जाएगी। इसके बाद शिकायत की श्रेणी के आधार पर उसे संबंधित क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष को भेजा जाएगा, ताकि उसका सही तरीके से निपटारा किया जा सके। सभी टेलिफज्ञेन कंपनियों के लिए इस नंबर पर पहुंच उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।