चारा घोटाले में सजायाफ्ता आरजेडी प्रमुख की औपबंधिक जमानत 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है
रांची। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सवाल उठाए हैं कि उन्हें इलाज के लिए जमानत मिली है। ऐसे में वह घर कैसे जा सकते हैं। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी की जांच कर अपना जवाब दाखिल करें। गौरतलब है कि चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद की औपबंधिक जमानत 20 अगस्त तक बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लालू की ओर से अवधि बढ़ाने की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की।
डिस्चार्ज को राजनीतिक प्रतिशोध बताया
अप्रैल में लालू को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने फिट बताकर डिस्चार्ज कर दिया था। वहीं यादव ने खुद को बीमार बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। लालू ने चिट्ठी लिखकर डिस्चार्ज न करने की गुजारिश भी की थी,लेकिन एम्स प्रशासन ने उन्हें फिट बताते हुए छुट्टी दे दी थी। इस बात को लेकर लालू भाजपा को लगातार निशाना बना रहे हैं। उनका कहना कि आरजेडी को चुनाव से पहले कमजोर करने की साजिश रची गई है।
लालू के वकील ने मांगा तीन माह का समय
लालू के वकील ने कोर्ट को बताया कि मुंबई स्थित एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में लालू प्रसाद छह अगस्त को भर्ती हुए हैं। उनका का एक ऑपरेशन हुआ है। जिसकी रिकवरी में समय लगेगा। उन्हें यूरिनल, ब्लड प्रेशर व शुगर सहित अन्य बीमारियां हैं। उनका शुगर कंट्रोल में नहीं है। ऐसे में उन्हें प्रतिदिन 70 इंसुलिन लेनी पड़ रही है। इसके बाद भी शुगर का स्तर सुधर रहा है। लालू प्रसाद को क्रोनिक किडनी की बीमारी है,इसका भी ऑपरेशन किया जाना है। इसलिए उनकी औपबंधिक जमानत की अवधि तीन माह तक बढ़ा दी जाए। इसके बाद कोर्ट ने 20 अगस्त तक औपबंधिक जमानत की अवधि बढ़ाई है।